खिजरसराय बाजार में भू-माफियाओं का खेल: सार्वजनिक आहर-पोखर पर अतिक्रमण, प्रशासन बेखबर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 दिसंबर 2025,
गयाजी; खिजरसराय प्रखंड के खिजरसराय बाजार में सार्वजनिक जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा खुलेआम अतिक्रमण किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इस गंभीर मुद्दे से अनजान बना हुआ है। प्रशासन की सक्रियता केवल सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले छोटे दुकानदारों और ठेला-खोमचा वालों तक ही सीमित नजर आती है, जबकि उसकी नाक के नीचे या यूं कहें पीछे बड़े स्तर पर गड़बड़झाला हो रहा है।
बाजार के लोकप्रिय लीला कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित सार्वजनिक आहर-पोखर, जहां कभी सालों भर बरसात का पानी जमा रहता था, आज पूरी तरह सूख चुका है। हालात ऐसे हैं कि पोखर के आसपास बसे लोग धीरे-धीरे अपना निजी विस्तार उसी पोखर की जमीन पर करते जा रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में इस ऐतिहासिक जलस्रोत का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
बाजार के एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसी तरह का एक सार्वजनिक गड्ढा मिडिल स्कूल के पीछे भी था, जो अब पूरी तरह अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है और उसका नामोनिशान तक मिट गया है।
सिर्फ पोखर ही नहीं, बल्कि शिवाला स्थित भगवान शंकर जी के प्राचीन मंदिर के आसपास भी रोज-ब-रोज अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। धार्मिक स्थल के चारों ओर हो रहे इस अवैध कब्जे पर भी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की नजर तब खुलती है जब बड़े-बड़े निर्माण कार्य पूरे हो जाते हैं। इसके बाद कार्रवाई होती है तो अतिक्रमणकारियों द्वारा रोना-गाना और दबाव की राजनीति शुरू कर दी जाती है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इन सार्वजनिक संपत्तियों को बचा पाएगा, या फिर खिजरसराय के तालाब और धार्मिक स्थल भी कागजों तक ही सिमट कर रह जाएंगे?