पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को नई रफ्तार, इको टूरिज्म और स्वरोजगार पर होगा विशेष फोकस : डीएम

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 जुलाई 2026,

गयाजी; जिले के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इको टूरिज्म, स्वरोजगार, कृषि आधारित उद्योग और आधारभूत विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की राह पर

बैठक में डीएम ने कहा कि शेरघाटी अनुमंडल के डोभी, इमामगंज, बांकेबाजार, डुमरिया और बाराचट्टी जैसे क्षेत्र पहले नक्सल प्रभावित थे। केंद्र सरकार की विशेष केंद्रीय सहायता योजना और सुरक्षा बलों के प्रभावी प्रयासों के कारण इन क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, शिक्षा, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास हुआ है। इसी का परिणाम है कि ये क्षेत्र अब नक्सल प्रभावित श्रेणी से बाहर आ चुके हैं।

इको टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

डीएम ने कहा कि अब सरकार का फोकस केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संस्कृति पर आधारित इको टूरिज्म विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने संबंधित विभागों को होमस्टे, तालाबों का सौंदर्यीकरण, ट्रैकिंग एवं एडवेंचर गतिविधियां, पर्यटन सुविधाओं का विकास, बागवानी, ऑर्गेनिक खेती, मधुमक्खी पालन तथा कृषि एवं वनोपज आधारित उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की संभावनाओं का सर्वे कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिलेगा लाभ

जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को इन योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

खेल सुविधाओं का भी होगा विस्तार

बैठक में पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल मैदान, ओपन जिम और अन्य खेल सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि खेल गतिविधियों के विस्तार से युवाओं की सकारात्मक भागीदारी बढ़ेगी और सामाजिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

दो दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

डीएम ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की संभावनाओं और आवश्यकताओं का आकलन कर दो दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। इन रिपोर्टों के आधार पर समेकित कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, ताकि योजनाओं का शीघ्र अनुमोदन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि विशेष केंद्रीय सहायता योजना का उद्देश्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करना, पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय बाजारों को सशक्त बनाना तथा ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

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