गयाजी के नैली–गोबडीहा में भीषण अगलगी, 300 बीघा गेहूं की फसल राख, सैकड़ों किसान बर्बाद

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 अप्रैल 2026,

गयाजी: शुक्रवार दोपहर अतरी विधानसभा क्षेत्र के सरबहदा थाना अंतर्गत नैली और गोबडीहा गांव के बधार में अचानक लगी आग ने कुछ ही घंटों में भयावह रूप ले लिया। खेतों में लहलहाती सुनहरी गेहूं की फसल देखते ही देखते काली राख में तब्दील हो गई। यह आग केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के गांव महकार से महज डेढ़ किलोमीटर दूर लगी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

300 बीघा फसल जलकर खाक, 50 लाख से ज्यादा नुकसान

गांव में लगभग 1000 बीघा में गेहूं की फसल लगी थी, जिसमें से करीब 250 से 300 बीघा फसल पूरी तरह जल गई। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 50 से 60 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। करीब 200 घरों के किसान इस अगलगी से प्रभावित हुए हैं, जबकि 40 से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

दो घंटे तक नहीं पहुंची दमकल, बढ़ता गया कहर

ग्रामीणों के अनुसार, आग की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दी गई, लेकिन करीब दो घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। इस दौरान ग्रामीण खुद ही बाल्टी, पंप और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और विकराल रूप ले लिया।
बाद में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गयाजी और बोधगया से भी अतिरिक्त गाड़ियां मंगाई गईं थी।

सैकड़ों परिवारों पर टूटा संकट

इस अगलगी में राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार, पवन कुमार, विनीत सिंह समेत दर्जनों किसानों की पूरी फसल जल गई।
पीड़ित किसानों का कहना है कि यह सिर्फ फसल नहीं, बल्कि उनकी सालभर की मेहनत और उम्मीदों का अंत है। अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन पहुंची मौके पर, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद, डीएसपी सुरेंद्र कुमार सिंह और प्रभारी अंचल अधिकारी अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सूचना पाकर अतरी विधायक रोमित कुमार भी मौके पर पहुंचे और किसानों को ढांढ़स बंधाया। मौजूद  अधिकारियों ने प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। एसडीएम केशव आनंद के द्वारा अंचलाधिकारी को आपदा कोष से त्वरित राहत राशि देने का निर्देश भी दिया गया।

कारण स्पष्ट नहीं, साजिश की भी आशंका

आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों के बीच लापरवाही या जानबूझकर आग लगाने की आशंका को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुआवजे की मांग तेज

घटना के बाद गांव में एक ही मांग गूंज रही है—मुआवजा।
किसानों का कहना है कि सरकार तत्काल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दे, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

आग को बुझाते दमकल कर्मी

टूट चुकी है गांव की आर्थिक रीढ़

यह अगलगी सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरे गांव की आर्थिक रीढ़ को हिला कर रख दिया है। नैली और गोबडीहा के सैकड़ों परिवार आज गहरे सदमे में हैं, जिनके लिए यह नुकसान सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। इस दर्द से उबरने में उन्हें लंबा समय लगेगा।

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