गयाजी में 8-9 लाख के जेवर चोरी का खुलासा, तीन नाबालिग समेत दो ज्वेलर्स पुलिस हिरासत में

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 जुलाई 2026,

गयाजी: जिले के मानपुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की कर्मी के घर हुई करीब 9 लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिग किशोरों को हिरासत में लिया है। उनकी निशानदेही पर चोरी के जेवर खरीदने के आरोप में दो आभूषण कारोबारियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मुंबई जाने के दौरान हुई चोरी

पुलिस के अनुसार, वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लिपिक के पद पर कार्यरत शुभदर्शना उर्फ पूजा अपने पति विकास कुमार, जो मुंबई में आर्किटेक्ट इंजीनियर हैं, के पास गई हुई थीं। घर की ऊपरी मंजिल में ताला लगाकर उन्होंने चाबी छिपा दी थी।

इसी दौरान निचली मंजिल में रहने वाले रिश्ते के एक युवक ने कथित रूप से छिपी हुई चाबी ढूंढ ली और अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर घर में रखे लगभग 8-9 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी के बाद उसी स्थान पर नकली गहने भी रख दिया ताकि चोरी की घटना पर पर्दा डाला जा सके। वारदात के बाद तीनों ने दोबारा ताला बंद कर चाबी उसी स्थान पर रख दी, ताकि किसी को चोरी का संदेह न हो।

पूछताछ में कबूला जुर्म

पुलिस पूछताछ में तीनों नाबालिगों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने जनकपुर स्थित मधुमति आश्रम के समीप के आभूषण कारोबारी अजित कुमार वर्मा तथा सिद्धार्थपुरी रोड नंबर-1 निवासी ज्वेलर यशवंत सिंह को भी हिरासत में ले लिया गया है।

सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम साक्ष्य

मामले के अनुसंधानकर्ता एएसआई कमल किशोर ने बताया कि यशवंत सिंह की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच में नाबालिगों से जेवर खरीदने और बाद में उन्हें भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब चोरी गए जेवरों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

5 जुलाई को दर्ज हुई थी एफआईआर

मानपुर मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत पर 5 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच एएसआई कमल किशोर को सौंपी गई है। फिलहाल तीनों नाबालिगों और दोनों आभूषण कारोबारियों से पूछताछ जारी है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोरी के अधिकांश जेवरों को गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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