सीयूएसबी में “डिज़ाइनिंग बिजनेस मॉडल कैनवस” विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 14 मार्च 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्टार्टअप कमेटी द्वारा Institution’s Innovation Council के सहयोग से “डिज़ाइनिंग बिजनेस मॉडल कैनवस” विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और नवोदित उद्यमियों को स्टार्टअप विचारों को प्रभावी ढंग से संरचित और प्रस्तुत करने के बारे में मार्गदर्शन देना था।
कुलपति के संरक्षण में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में तथा आईआईसी के अध्यक्ष वेंकटेश सिंह के नेतृत्व में किया गया। जनसंपर्क पदाधिकारी मो0 मुद्दसिर आलम ने बताया कि इस व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों को स्टार्टअप के लिए उपयोगी बिजनेस मॉडल तैयार करने की प्रक्रिया से परिचित कराना था।
मुख्य वक्ता ने साझा किए स्टार्टअप के सूत्र
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में उभरते हुए डेटा साइंटिस्ट और टेक उद्यमी पूर्णेन्दु प्रभात शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों को बिजनेस मॉडल कैनवस (BMC) के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जो स्टार्टअप और संगठनों द्वारा अपने व्यवसाय मॉडल को डिजाइन, विश्लेषित और बेहतर बनाने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला रणनीतिक प्रबंधन उपकरण है।
बिजनेस मॉडल के नौ प्रमुख घटकों की दी जानकारी
अपने व्याख्यान में उन्होंने बिजनेस मॉडल कैनवस के नौ प्रमुख घटकों की चर्चा की। इनमें कस्टमर सेगमेंट, वैल्यू प्रपोजिशन, चैनल्स, कस्टमर रिलेशनशिप, रेवेन्यू स्ट्रीम्स, की रिसोर्सेज, की एक्टिविटीज, की पार्टनरशिप्स और कॉस्ट स्ट्रक्चर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राहकों की जरूरतों को समझना, स्पष्ट वैल्यू प्रपोजिशन तय करना और स्थायी राजस्व स्रोत विकसित करना किसी भी स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
छात्रों को मिला स्टार्टअप का व्यावहारिक ज्ञान
व्याख्यान के दौरान बताया गया कि बिजनेस मॉडल कैनवस उद्यमियों को एक ही ढांचे में अपने व्यवसाय की पूरी संरचना समझने में मदद करता है। इससे वे संभावित अवसरों की पहचान कर सकते हैं, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं और निवेशकों के सामने अपने विचार प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त
कार्यक्रम का संचालन साक्षी सिंह ने किया, जिन्होंने अतिथि वक्ता का परिचय भी कराया। वहीं कार्यक्रम का समापन कृति कुमारी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।