सीयूएसबी में जीआई हंट और आइडियाथॉन 2026 का आयोजन, छात्रों ने दिखाया नवाचार का दम
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 02 अप्रैल 2026
गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के आईआईसी द्वारा आयोजित जीआई हंट और आइडियाथॉन 2026 में छात्रों ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना रहा।
नवाचार और बौद्धिक संपदा पर जोर
सीयूएसबी के संस्थागत नवाचार परिषद (IIC) के तत्वावधान में जीआई हंट और आइडियाथॉन 2026 का आयोजन कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण तथा आईआईसी अध्यक्ष प्रो. वेंकटेश सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के प्रति जागरूक करना और उनमें नवाचार व उद्यमशील सोच विकसित करना था।
जीआई हंट में पारंपरिक उत्पादों की पहचान
जीआई हंट प्रतियोगिता में छात्रों ने विभिन्न राज्यों के ऐसे उत्पादों को प्रस्तुत किया, जिनमें भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त करने की संभावना है। प्रतिभागियों ने सरसास्तिया, पटिकार पेंटिंग, सोनाचूर चावल और अमृतसरी कुलचे जैसे उत्पादों की विशेषताओं, सांस्कृतिक महत्व और आर्थिक संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
निर्णायक मंडल में प्रो. वेंकटेश सिंह, प्रो. प्रभात कुमार सिंह, डॉ. प्रणव त्रिपाठी और डॉ. सुनैना शामिल थे, जिन्होंने प्रतिभागियों की सूझबूझ और शोध-आधारित प्रस्तुतियों की सराहना की।
आइडियाथॉन में स्टार्टअप आइडियाज की झलक
आइडियाथॉन में छात्रों ने कृषि-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण तकनीक और कृषि-उद्यमिता से जुड़े नवाचारपूर्ण स्टार्टअप विचार प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल में प्रो. वेंकटेश सिंह, प्रो. ब्रजेश कुमार, डॉ. नेमी चंद्र राठौड़ और डॉ. पियूष कुमार सिंह शामिल रहे। निर्णायकों ने छात्रों के विचारों की मौलिकता और व्यावहारिकता की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने आइडियाज को व्यावसायिक मॉडल में विकसित करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में सौम्या, राजा अम्बरीश, अनुराग, दिलीप, मोहित, शंकर साहा, अंशु और उन्नति सहित कई छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और समकालीन मुद्दों की समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
सफल आयोजन और प्रेरणादायक समापन
कार्यक्रम का संचालन प्रियंशु कांत, अभिषेक चंदन, आरुष कश्यप, दीपांशु, केशव, अमन, उत्कर्ष और अनिरुद्ध की टीम ने किया।अंत में निर्णायकों ने छात्रों को अपने विचारों पर निरंतर कार्य करने और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
