सीयूएसबी के पर्यावरण विज्ञान छात्रों का धनबाद में शैक्षणिक भ्रमण, खनन तकनीकों का लिया व्यावहारिक अनुभव
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 02 मार्च 2026,
गयाजी ; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा एमएससी एनवायर्नमेंटल साइंस (द्वितीय सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए धनबाद में दो दिवसीय शैक्षणिक प्रयोगशाला एवं क्षेत्रीय भ्रमण का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के अनुमोदन पर विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार रंजन तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. सोमा गिरी के नेतृत्व में छात्रों ने विभिन्न वैज्ञानिक एवं औद्योगिक संस्थानों का दौरा किया।
सीएसआईआर-सीआईएमएफआर में उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों की जानकारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने CSIR-Central Institute of Mining and Fuel Research का अवलोकन किया, जहाँ पर्यावरण प्रबंधन एवं स्थिरता प्रभाग में प्रदूषण नियंत्रण तकनीकों, खदान पुनर्वास रणनीतियों तथा अपशिष्ट प्रबंधन पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, सॉयल डाइजेस्टर, फोटोकैटलिटिक रिएक्टर, आयन क्रोमैटोग्राफी, एचपीएलसी तथा गैस क्रोमैटोग्राफी जैसे उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग से भी परिचित कराया गया।
बीसीसीएल की कोयला खदानों में देखा खनन एवं सुरक्षा प्रबंधन
इसके बाद विद्यार्थियों ने बीसीसीएल (Bharat Coking Coal Limited) द्वारा संचालित कोयला खनन क्षेत्र का क्षेत्रीय दौरा किया। इस दौरान इंटेलिजेंट माइनिंग सिस्टम, फ्लेम-प्रूफ उपकरण, औद्योगिक सुरक्षा तंत्र तथा जियोमैकेनिक्स प्रयोगशाला का निरीक्षण कराया गया। वायर रोप परीक्षण प्रयोगशाला में जर्मन तकनीक आधारित मशीन द्वारा भारी भार परीक्षण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
पर्यावरणीय शमन एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पर विशेष जोर
ओपन-कास्ट खनन स्थल तथा गोवर्धन इकोपार्क के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने खनन कार्यों के साथ पर्यावरणीय शमन उपायों और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार रंजन ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
कार्यक्रम की सफलता के लिए विभाग की ओर से संस्थान के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में पर्यावरण प्रबंधन और सतत खनन के प्रति समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।