गयाजी सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: कौन हो सकता है ई-मेल भेजने वाला, क्या थी मंशा? जांच के हर पहलू पर नजर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 जनवरी 2026,
गयाजी; गुरुवार को सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक और न्यायिक महकमे में हड़कंप मच गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए इस संदेश को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ न्यायालय परिसर को खाली कराया गया, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
एसएसपी ने की आपात बैठक
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस उप महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल ने माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ आपात बैठक की। इसके बाद पूरे न्यायालय परिसर में डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा संघन तलाशी अभियान चलाया गया। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए एक-एक कोने की बारीकी से जांच की गई पर कही कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिला।
आखिर कौन हो सकता है मेल भेजने वाला
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह धमकी भरा ई-मेल भेजने वाला कौन हो सकता है और उसकी मंशा क्या थी? पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस तरह के ई-मेल के पीछे कई संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। इसमें किसी असंतुष्ट व्यक्ति द्वारा डर का माहौल बनाने की कोशिश, न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े किसी मामले में दबाव बनाने की साजिश, या फिर केवल अफवाह और दहशत फैलाने की नीयत से किया गया शरारती कृत्य, सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। हालांकि, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
साइबर सेल जुटा छानबीन में
साइबर सेल की टीम ई-मेल के तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटी है। मेल किस सर्वर से भेजा गया, उसकी लोकेशन, आईपी एड्रेस, इस्तेमाल किए गए डिवाइस और अकाउंट से जुड़े अन्य डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक के सहारे जल्द ही ई-मेल भेजने वाले तक पहुंचने की उम्मीद है।
न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह मामला न्यायालय की सुरक्षा और आम लोगों की जान से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। न्यायालय परिसर में तैनात सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।
फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस हर एंगल से मामले को खंगाल रही है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह धमकी वास्तविक साजिश थी या फिर डर फैलाने की एक नाकाम कोशिश।
