फर्जी सिम से चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क, 47 सिम कार्ड बरामद; 2.91 करोड़ की ठगी से जुड़े तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 जुलाई 2026,
गयाजी: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गयाजी पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित एक साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर थाना गयाजी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर से 47 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि उसके द्वारा जारी किए गए 11 मोबाइल नंबर देशभर में हुई करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं।
22 साइबर शिकायतों में 2.91 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर दर्ज Investment Scam से जुड़ी शिकायतों के विश्लेषण के दौरान पता चला कि विभिन्न राज्यों से दर्ज 22 शिकायतों में इस्तेमाल किए गए 11 संदिग्ध मोबाइल नंबर एक ही प्वाइंट ऑफ सेल (POS) से जारी किए गए थे। इन शिकायतों में 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
तकनीकी जांच के बाद डोभी से आरोपी गिरफ्तार
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि संबंधित POS एजेंट डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव का रहने वाला है।
संयुक्त टीम ने अमारूत गांव में छापेमारी की। पुलिस को देखते ही एक युवक भागने लगा, जिसे सशस्त्र बल की मदद से पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौतम कुमार, पिता दीपक दास, निवासी अमारूत, थाना डोभी, जिला गयाजी के रूप में हुई।
घर से 47 सिम कार्ड बरामद
गिरफ्तार आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने 43 नए पैक्ड एयरटेल सिम, 2 नए (खुले पैकेट वाले) जियो सिम तथा 2 पुराने जियो सिम बरामद किए। इस प्रकार कुल 47 सिम कार्ड जब्त किए गए।
गरीब लोगों के नाम पर जारी करता था फर्जी सिम
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं कम शिक्षित लोगों के दस्तावेजों पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में लोगों की जानकारी और सहमति के बिना एक सिम के बजाय दो से तीन अतिरिक्त सिम भी सक्रिय करा लेता था। बाद में इन अतिरिक्त सिम कार्डों को साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य साइबर ठगी में किया जाता था।
साइबर थाना में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या-103/26, दिनांक 04 जुलाई 2026 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस की अपील
गयाजी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को बिना आवश्यकता अपने आधार कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेज उपलब्ध न कराएं। यदि किसी अनजान व्यक्ति या संस्था द्वारा निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग या अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसे मांगे जाएं, तो सतर्क रहें और तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
