आईआईटी एडवांस्ड 2026 में शुभम कुमार ने लहराया सफलता का परचम, मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 12 जून 2026,
गयाजी: जिले से शिक्षा जगत के लिए एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। आईआईटी एडवांस्ड 2026 में शानदार सफलता हासिल कर गयाजी के होनहार छात्र शुभम कुमार ने जिले के साथ-साथ पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
18 मेधावी छात्रों को मिला सम्मान
समारोह में आईआईटी, एनआईटी, जेईई एवं विभिन्न ओलंपियाड परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले कुल 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। सफल छात्रों को चांदी की चेन पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि उनके अभिभावकों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान दिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच छात्रों की उपलब्धियों का उत्साहवर्धन किया।
मेहनत और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
आईआईटी एडवांस्ड 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शुभम कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, विशेष रूप से ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल के निदेशक भीमराज प्रसाद, अनुराग सर तथा अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। 11वीं कक्षा से ही उन्होंने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया था और उसी दिशा में निरंतर अनुशासित तैयारी की। उन्होंने बताया कि कोटा में रहकर की गई कठिन मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों तो सफलता अवश्य मिलती है।
एनआईटी और ओलंपियाड में सफल छात्रों की भी हुई सराहना
कार्यक्रम में एनआईटी के लिए चयनित तुषार कुमार, नितीश किशोर, अंकित कुमार और देव यादव सहित कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं जेईई और ओलंपियाड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य छात्रों की उपलब्धियों की भी खुलकर सराहना की गई।
गयाजी आज भी ज्ञान और प्रतिभा की धरती—भीमराज प्रसाद
विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि 18 छात्रों की सफलता विद्यालय के लिए गौरव का विषय है, लेकिन शुभम कुमार की उपलब्धि पूरे गयाजी जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, उसी धरती के एक छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि गयाजी आज भी ज्ञान और प्रतिभा की राजधानी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विद्यालय के सुपर-30 कार्यक्रम के तहत अब कक्षा नौवीं से ही मेधावी छात्रों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें।
शिक्षा समाज को नई दिशा देती है—मोहन श्रीवास्तव
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में गया नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद् डॉ. शशि शेखर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि शुभम कुमार और अन्य सफल छात्र बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जिसे न खरीदा जा सकता है, न बेचा जा सकता है और न ही बांटा जा सकता है। शिक्षा ही व्यक्ति को नई पहचान और समाज को नई दिशा प्रदान करती है।
सफलता बनी अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा
गयाजी के इन मेधावी छात्रों की उपलब्धियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। छात्रों की यह सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
