गयाजी में बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वास को लेकर समीक्षा बैठक, आयोग के उपाध्यक्ष ने दिए कई अहम निर्देश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 30 मई 2026,
गयाजी: शनिवार को बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल श्रमिकों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। होटल विष्णु विहार में आयोजित इस बैठक में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान गयाजी जिले में विमुक्त किए गए बाल श्रमिकों तथा उनके पुनर्वास की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बाल श्रम को बताया सामाजिक अभिशाप
बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों को श्रम से मुक्त कर उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है। बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
एनजीओ की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
उपाध्यक्ष ने बाल श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति और पुनर्वास में गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका को अहम बताते हुए जिला में कार्यरत सेंटर डायरेक्ट, प्रयास और प्रथम जैसी संस्थाओं को और अधिक सक्रियता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के प्रयासों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान को नई गति मिल सकती है।
बाल गृहों और पुनर्वास योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान बाल गृहों में उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और पुनर्वास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने पर जोर
बैठक में सुझाव दिया गया कि जिले के प्रत्येक प्रखंड से दो पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों में धावा दल (रेस्क्यू टीम) के नियमित संचालन पर भी बल दिया गया ताकि बाल श्रम से जुड़े मामलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम गरीबी और सामाजिक अपराधों के दुष्चक्र को बढ़ावा देता है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 के प्रचार-प्रसार और विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
सामूहिक प्रयास से मिलेगा बेहतर परिणाम
बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि सूक्ष्म स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर बड़े और सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन किया गया।
