आईजी के जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद कोंच थाना के पुलिस अवर निरीक्षक निलंबित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 23 मई 2026,
गयाजी: शुक्रवार को मगध क्षेत्र पुलिस कार्यालय में आईजी विकास वैभव के द्वारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायत की जांच के बाद कोंच थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, थाना स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कोंच थाना के थानाध्यक्ष को सख्त चेतावनी दी गई है।
महिला ने आईजी कार्यालय में दर्ज कराई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, 21 मई 2026 को आवेदिका शानू कुमारी ने पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि कोंच थाना कांड संख्या-67/26 के अनुसंधानकर्ता मनोज कुमार द्वारा उनकी दुकान की चाभी और मोबाइल फोन वापस नहीं किया जा रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि कई बार मांगने के बावजूद उनसे पैसे की मांग की जा रही थी, जबकि दोनों सामान जब्ती सूची में शामिल नहीं थे।
बीपीएससी प्रोत्साहन राशि से भी देने पड़े पैसे
आवेदिका ने शिकायत में बताया कि बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर मिली 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि में से मजबूरीवश 20 हजार रुपये अनुसंधानकर्ता को देने पड़े। महिला ने यह भी बताया कि उनके पिता पिछले ढाई महीने से जेल में बंद हैं, जिससे पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर है। मोबाइल फोन नहीं मिलने के कारण उनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता
मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, टिकारी से कराई गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अनुसंधानकर्ता द्वारा दो मोबाइल फोन और दुकान की चाभी को विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना अपने पास रखा गया था। साथ ही इन वस्तुओं की जानकारी जब्ती सूची और न्यायालय में भी दर्ज नहीं की गई थी।
दो माह तक बिना वैध आदेश के रखा गया सामान
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित सामान को दो महीने से अधिक समय तक बिना किसी वैध आदेश या विधिक प्रक्रिया के रखा गया था, जिससे अनुसंधान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। शिकायतकर्ता से अवैध राशि मांगने के आरोप के बाद अनुसंधानकर्ता का आचरण संदिग्ध एवं अनुशासनहीन पाया गया।
आईजी ने किया निलंबित, पुलिस केंद्र गयाजी बनाया मुख्यालय
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मनोज कुमार को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गयाजी निर्धारित किया गया है। साथ ही संबंधित कांड की जांच दूसरे पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
थानाध्यक्ष को चेतावनी, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर
जांच प्रतिवेदन में थाना स्तर पर जब्त वस्तुओं के रखरखाव में लापरवाही भी सामने आई है। इस पर कोंच थाना के थानाध्यक्ष को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और मनमानी के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है और दोषी पुलिसकर्मियों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
