गयाजी में उर्वरक कालाबाजारी पर सख्ती, 98 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी; लाइसेंस रद्द, प्राथमिकी दर्ज
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 01 अप्रैल 2026,
गयाजी; जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल के निर्देश पर जिले में लगातार उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच और छापेमारी की जा रही है।
लगातार छापेमारी, कई पर कार्रवाई
जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार 01 अप्रैल को 75 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें एक प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जबकि 10 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया। पिछले दो दिनों में कुल 98 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें एक विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, एक का लाइसेंस रद्द, 12 लाइसेंस निलंबित और 10 से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रधान सचिव ने दिए सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि उर्वरकों के विपणन में किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी या कृत्रिम किल्लत के मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध उर्वरक
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में फिलहाल 1,59,230 बैग यूरिया, 33,746 बैग डीएपी, 8,124 बैग एमओपी, 48,647 बैग एनपीके और 52,510 बैग एसएसपी उपलब्ध हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।
किसानों को संतुलित उपयोग की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि अनावश्यक भंडारण से बचें और जैविक खेती को अपनाएं। अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई जारी
इमामगंज स्थित केडिया ट्रेडर्स के खिलाफ 1711 बैग यूरिया की संदिग्ध बिक्री के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं बाराचट्टी के अर्जुन इंटरप्राइजेज का लाइसेंस कालाबाजारी के आरोप में रद्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
