गयाजी में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क, नियंत्रण कक्ष स्थापित, अवैध उपयोग पर कार्रवाई
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 27 मार्च 2026,
गयाजी। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच गयाजी जिला प्रशासन ने घरेलू एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई निवारक कदम उठाए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जिले की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जिले में 8 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता
जिले में कुल 72 गैस एजेंसियों के माध्यम से 8,27,825 उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। इसमें बीपीसीएल की 25 एजेंसियों के तहत 4,08,976, आईओसीएल की 31 एजेंसियों के तहत 2,78,048 और एचपीसीएल की 16 एजेंसियों के तहत 1,40,801 उपभोक्ता शामिल हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए तय अंतराल
प्रशासन के निर्देशानुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद तथा शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के बाद उपभोक्ताओं को दोबारा गैस बुकिंग कर आपूर्ति दी जाएगी। इससे वितरण प्रणाली को संतुलित रखने में मदद मिलेगी।
शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज कर उनका त्वरित समाधान किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0631-2222253 जारी किया गया है।
जांच दल गठित, एजेंसियों पर निगरानी तेज
प्रशासन ने गैस एजेंसियों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें उप नगर आयुक्त, कार्यपालक दंडाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम एजेंसियों में जाकर गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और उपभोक्ताओं की समस्याओं की जांच कर रही है।
होटलों में छापेमारी, 5 सिलेंडर जब्त
शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र में जीटी रोड पर स्थित होटलों में छापेमारी के दौरान घरेलू गैस के अवैध उपयोग पर कार्रवाई की गई। इस दौरान विभिन्न होटलों से कुल 5 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पर्याप्त स्टॉक होने का प्रशासन का दावा
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि जिले की सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं। साथ ही कहा गया है कि कालाबाजारी या दुरुपयोग की स्थिति में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
