गया जंक्शन के विकास कार्यों की विधानसभा अध्यक्ष ने की समीक्षा, प्लेटफॉर्म उन्नयन और अमृत भारत योजना के कार्यों का लिया जायजा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 मार्च 2026,
गयाजी; बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने बुधवार को गया जंक्शन रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास और उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर चल रहा उन्नयन कार्य
गया जंक्शन पर 45 दिनों के मेगा ब्लॉक के तहत प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 का उन्नयन कार्य किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर इसकी प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान केपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार सिन्हा और सहायक मंडल अभियंता (निर्माण) सहित स्टेशन अधीक्षक बिनोद कुमार भी मौजूद रहे।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने प्रोजेक्ट मैनेजर से पूछा कि 21 मार्च तक लिए गए मेगा ब्लॉक के भीतर कार्य पूरा हो पाएगा या नहीं। इस पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने आश्वासन दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि यदि कार्य 21 मार्च तक पूरा हो जाता है तो वरीय अधिकारियों के निर्देश पर 22 मार्च से ट्रेनों का नियमित परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
यात्रियों को हो रही है परेशानी
उन्नयन कार्य के कारण फिलहाल पटना जाने वाली कई ट्रेनें गया जंक्शन से खुलने के बजाय चाकन्द स्टेशन से संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अमृत भारत योजना के तहत हो रहा स्टेशन का पुनर्विकास
समीक्षा बैठक में गया जंक्शन को Amrit Bharat Station Scheme के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेशन बनाने की दिशा में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि नियमित रूप से रेलवे ब्लॉक मिलता रहा तो इस वर्ष के अंत तक पुनर्विकास कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा किया जा सकता है।
स्टेशन से जुड़ी सड़कों के चौड़ीकरण पर भी चर्चा
बैठक के दौरान स्टेशन से सीधे जुड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण की आवश्यकता से भी विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया गया। इस पर डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गयाजी शहर में फिलहाल तीन फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और कुछ अन्य फ्लाईओवर परियोजनाएं भी स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।