एआई आधारित खेल विज्ञान पर राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 फरवरी 2026,
गयाजी; Central University of South Bihar (सीयूएसबी) के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा “खेल विज्ञान, स्वास्थ्य सेवा एवं नैतिकता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में देशभर से 82 विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है तथा कुल 110 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और खेल विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया उद्घाटन
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह की उपस्थिति में सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार सरकार खेल के विकास को प्राथमिकता दे रही है और एआई आधारित तकनीक प्रतिभा पहचान, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा चोट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकती है। उन्होंने आधुनिक खेल प्रशासन में वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी के संतुलन पर भी बल दिया।
एआई अब भविष्य नहीं, वर्तमान की आवश्यकता – कुलपति
स्वागत भाषण में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल अवधारणा नहीं बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि एआई खेल प्रदर्शन विश्लेषण, खिलाड़ियों की स्वास्थ्य निगरानी तथा शोध पद्धतियों को नई दिशा दे रही है। विश्वविद्यालयों को उभरती तकनीकों को नैतिक दृष्टिकोण के साथ अपनाने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
स्मारिका विमोचन और विशेषज्ञों के व्याख्यान
कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन स्मारिका का विमोचन भी किया गया। विशिष्ट अतिथि सुषमा घिल्डियाल, डीन, कला संकाय, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ने शिक्षा, मानविकी और खेल विज्ञान में एआई की अंतर्विषयी भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता राजीव चौधरी, विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग, पंडित रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी ने “डेटाबेस से निर्णय तक: खेल एवं स्वास्थ्य विज्ञान में एआई-सक्षम बिब्लियोमेट्री और मेटा-विश्लेषण” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उद्घाटन सत्र में निशांत सिंह, अभिमन्यु सिंह तथा संजीव मांदर ने भी अपने विचार साझा किए।
तकनीकी सत्रों में शोध और नवाचार पर चर्चा
सम्मेलन निदेशक रविकांत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वहीं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मो0 मुद्दसिर आलम ने जानकारी दी कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चा और विचार-विमर्श आयोजित होंगे। इन सत्रों में खेल विज्ञान अनुसंधान, स्वास्थ्य नवाचार तथा आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग पर विशेष फोकस रहेगा।
खिलाड़ियों के लिए एआई को बताया भविष्य का सशक्त उपकरण
सम्मेलन में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि एआई तकनीक खेल प्रशिक्षण, प्रदर्शन विश्लेषण और चोट प्रबंधन को नई दिशा दे सकती है। युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे खेल और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाएँ।