गयाजी के दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर में भव्य वार्षिकोत्सव का आयोजन

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 फरवरी 2026

गयाजी। शहर के केशव नगर, माड़नपुर स्थित दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय के प्रांगण में मंगलवार, 03 फरवरी 2026 को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “स्वराग्नि–सरिता संस्कारों की” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्कार, संस्कृति और देशभक्ति का सशक्त संदेश देखने को मिला।

मुख्य व विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार निर्धारित थे, लेकिन विधानसभा के द्वितीय सत्र के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB), गयाजी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

दीप प्रज्ज्वलन व सांस्कृतिक शुभारंभ

अतिथियों द्वारा विधिवत दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं गणेश वंदन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

प्रधानाचार्य का स्वागत संबोधन

विद्यालय के प्रधान आचार्य सत्य शेखर राय ने मंच से अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित दर्शकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी साझा की।

कुलपति का प्रेरणादायी संदेश

CUSB के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को योगदान देना होगा। उन्होंने विद्यालय के नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें दया, प्रकाश, सरस्वती, विद्या और मंदिर—इन सभी तत्वों का समावेश है, जो मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की भी खूब सराहना की।

सभा को संबोधित करते cusb के कुलपति

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक चले इस कार्यक्रम में कोई भी दर्शक अपने स्थान से नहीं हिले। झारखंड का आदिवासी नृत्य, पंजाबी एवं राजस्थानी लोकनृत्य सहित विविध प्रस्तुतियों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।

नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं

देशभक्ति और संवेदनशीलता के भाव

कार्यक्रम के दौरान “सरहद के वीरों तुझे सलाम”, “हम इंडिया वाले”, “मां तुझे सलाम”, “वंदे मातरम्” जैसे गीतों से वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया। इसके साथ ही वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाने वाले नाट्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

ओजस्वी दृश्य और बाल कलाकारों की प्रस्तुति

‘छावा’ के दृश्य में संभाजी महाराज के ओजस्वी संवादों पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। “हम हैं मातृशक्ति” गीत ने महिलाओं में ऊर्जा का संचार किया। वहीं नन्हे कलाकार रुद्र द्वारा प्रस्तुत “हा हम बिहारी हैं जी, थोड़े संस्कारी हैं जी” गीत पर दर्शक झूम उठे।

लाइव गायन रहा कार्यक्रम की खास पहचान

कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पूरे आयोजन में कोई भी रिकॉर्डेड गीत नहीं बजाया गया। सभी गीत विद्यालय की ही एक शिक्षिका शालिनी द्वारा लाइव गाए गए, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल रही हैं।

गीतों की प्रस्तुति देती शालिनी

मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन

मंच का संचालन उप-प्रधानाचार्य राजेश कुमार के निर्देशन में शैफाली केनेडी, अनन्या वत्स एवं अर्पणा कुमारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

हजारों दर्शकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों सहित हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित रहे, जिससे आयोजन पूरी तरह सफल और यादगार बन गया।

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