बोधगया बौद्ध महोत्सव 2026 में ‘मगध सूत्र’ की चमक: पटवा टोली के गमछे से बना डिजाइनर फैशन बना आकर्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 जनवरी 2026,
गयाजी; विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बोधगया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महोत्सव ‘बौद्ध महोत्सव 2026’ में इस वर्ष बिहार की पारंपरिक वस्त्र विरासत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान बनाई। गयाजी जिले के मानपुर स्थित पटवा टोली के गमछे और सूती धागों से तैयार डिजाइनर एवं फैंसी गारमेंट्स की भव्य झलक एक विशेष फैशन शो के माध्यम से प्रस्तुत की गई। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत पहली बार ‘फैशन कलेक्शन’ के रूप में बौद्ध महोत्सव का हिस्सा बना।
फैशन शो चार थीम पर आधारित रहा। पहली थीम में गमछा साड़ी को आधुनिक शैली में प्रस्तुत किया गया। दूसरी थीम महिला परिधान पर केंद्रित रही, जिसमें टॉप, लॉन्ग स्कर्ट, प्लाजो, घेरे वाली पैंट और विविध डिजाइन के परिधान शामिल थे। तीसरी थीम पुरुष परिधान की रही, जिसमें शर्ट, टी-शर्ट, पैंट और डिजाइनर कुर्ता प्रदर्शित किए गए। चौथी थीम ‘प्रवाह’ रही, जिसमें मगध की आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक रंगों को वस्त्रों के माध्यम से साकार किया गया।
जिला महाप्रबंधक, उद्योग केंद्र ने बताया कि इस फैशन शो में 48 मॉडल और पटवा टोली के 15 बुनकरों ने एक साथ रैंप वॉक किया। बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर ‘मगध सूत्र द्वार पटवा टोली’ वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने का अवसर प्रदान किया है।
देश के प्रमुख वस्त्र केंद्रों में शुमार मानपुर पटवा टोली, जिसे ‘बिहार का मैनचेस्टर’ भी कहा जाता है, अपनी समृद्ध परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां हथकरघा के साथ-साथ पावरलूम मशीनों से गमछा, चादर, साड़ी और धोती का निर्माण होता है। पटवा टोली के गमछों की विशिष्ट पहचान रही है, लेकिन जिला प्रशासन की पहल और निफ्ट विशेषज्ञ रंजीत कुमार के मार्गदर्शन में इन्हीं गमछा वस्त्रों को आधुनिक डिजाइन के साथ वैश्विक फैशन से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है।
विदित हो कि बौद्ध महोत्सव में इस वर्ष 100 से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच दिया गया। वहीं ‘मगध सूत्र’ फैशन शो में भी स्थानीय युवक-युवतियों को मॉडल के रूप में अवसर मिला। खास बात यह रही कि इनमें से अधिकांश मॉडल ऐसे थे, जिन्होंने पहले कभी रैंप वॉक नहीं किया था। उनका पहला अनुभव अंतरराष्ट्रीय मंच से शुरू हुआ, जो स्थानीय प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक पहल है।
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र ने कहा कि इस फैशन शो का उद्देश्य मगध की वस्त्र परंपरा, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित फैशन कलेक्शन के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाना है। इस पहल में महावीर चौधरी, मुन्ना लाल, शिव कुमार, इंद्र देव प्रसाद, छत्रपति शिवाजी सहित लगभग 15 स्थानीय बुनकरों की सक्रिय भागीदारी रही। पारंपरिक कौशल को समकालीन स्वरूप देकर कारीगरों को बहुआयामी उत्पाद विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
फैशन शो में शामिल मॉडलों ने कहा कि रैंप वॉक के जरिए वे बिहार की संस्कृति और डिजाइन वैल्यू को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहते हैं। गमछे से बने फैंसी परिधानों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पटवा टोली अब केवल एक टेक्सटाइल केंद्र नहीं, बल्कि ‘मगध सूत्र’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय फैशन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।