अवैध संबंध ने ली दो जिंदगियाँ! शेरघाटी दंपती मर्डर का सनसनीखेज पर्दाफाश, दो हत्यारे गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 जनवरी 2026,
गयाजी। शेरघाटी में दंपती की दिल दहला देने वाली दोहरी हत्या कांड का गयाजी पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों मनोज मांझी और रघुनी मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल 01 चाकू, 01 टांगी, 02 मोबाइल और खून से सना टी-शर्ट भी बरामद किया है, जो वारदात का सीधा सबूत है।शेरघाटी 1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घटनाक्रम को मीडिया के सामने रखा।
कैसे हुआ दंपती का कत्ल?
26 दिसंबर 2025 की रात शेरघाटी थाना क्षेत्र के ग्राम चांपी में पति-पत्नी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इलाके में दहशत फैल गई थी। मृतक के परिजनों ने इसे जमीन विवाद से जुड़ा मामला बताया था। हालांकि पुलिस ने उस समय इन सभी बिंदुओं पर गहराई से अवलोकन कर पूछताछ किया था। वहीं इस मामले में शेरघाटी थाना कांड संख्या 523/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया।
पुलिस की विशेष टीम की धमाकेदार कार्रवाई
आईजी-सह-एसएसपी गयाजी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शेरघाटी-01 के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी सेल, थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों ने लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर दोनों हत्यारों को दबोच लिया गया।
अवैध संबंध ने बनाया दोहरा हत्यारा
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी रघुनी मांझी ने बताया कि मृतक प्रदीप यादव और आरोपी मनोज मांझी की पत्नी के बीच अवैध संबंध थे। इसी बात से तिलमिलाए मनोज ने रघुनी और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत खलिहान में सो रहे प्रदीप यादव का गला काटकर हत्या कर दी गई।
लेकिन यहां कहानी खत्म नहीं हुई…
मृतक की पत्नी ने आरोपियों को पहचान लिया था और इसी वजह से अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपियों के द्वारा उसकी भी हत्या कर दी गई ताकि यह राज़ हमेशा के लिए दफन हो जाए।
गिरफ्तार आरोपी
1. मनोज मांझी, पे० कैलाश मांझी, सा० चांपी
2. रघुनी मांझी, पे० धनु मांझी, सा० महुआडीह
(दोनों थाना शेरघाटी, जिला गया)
बाकी आरोपी अभी भी फरार
गयाजी पुलिस ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह दोहरा हत्याकांड उजागर हो सका है और इलाके में फैली दहशत के बीच एक राहत की सांस लौट आई है।