वाणावर महोत्सव 2025 : लोक संस्कृति, संगीत और पर्यटन विकास का भव्य संगम
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 24 दिसंबर 2025,
जहानाबाद; “वाणावर महोत्सव की भावना को अपने जीवन में उतारें और अपनी संस्कृति–परम्परा को संरक्षित एवं सम्मानित करें।” इसी संदेश के साथ मखदुमपुर, जहानाबाद स्थित बराबर पहाड़ी (पाताल गंगा) की तलहटी में मंगलवार को वाणावर महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
भव्य स्वागत और शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय तथा आगंतुक अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच पर पधारे मुख्य अतिथियों—
🔹डॉ. प्रमोद कुमार, माननीय मंत्री, सहकारिता एवं पर्यावरण-वन-जलवायु परिवर्तन विभाग
🔹अनिल कुमार, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद
🔹सुबेदार दास, माननीय विधायक, मखदुमपुर
🔹रितुराज कुमार, माननीय विधायक, घोषी
🔹अजय कुमार देव, उपाध्यक्ष, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति
🔹सागर कुमार उर्फ दिलीप कुशवाहा, उपाध्यक्ष, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति
🔹धीरज कुमार, उपाध्यक्ष, जिला नागरिक परिषद
का स्वागत पौधा, शॉल और वाणावर गुफा का प्रतीक-चिन्ह देकर किया गया।
लोक-संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ
महोत्सव का सबसे आकर्षक हिस्सा रही पद्मश्री मालिनी अवस्थी की मनमोहक प्रस्तुति, जिन्होंने “मै क्या करूँ”, “शिव तांडव”, “झूमर”, “होली” सहित कई गीतों से वातावरण को उत्साह और भक्ति से भर दिया। राज्य स्तरीय कलाकार सत्येंद्र कुमार ने “बिहार वाल्मीकि ने रची रामायण”, “जिंदगी की न टूटे सफर” जैसे गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्थानीय कलाकारों ने भी संभाला मंच
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भी मंच साझा किया जिनमें राज संपोषित बालिका इंटर विद्यालय की समूह गीत प्रस्तुति, मुरलीधर इंटर विद्यालय का समूह नृत्य, रविंद्र कुमार मिश्र एवं टीम तथा सत्येंद्र कुमार संगीत एवं टीम की प्रस्तुतियाँ बेहद सराहनीय रहीं।
क्विज प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण
दो वर्गों— 6–8 और 9–12—में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और प्रतियोगी भावना देखने को मिली।
पर्यटन विकास पर जोर
अतिथियों ने वाणावर क्षेत्र को उभरते पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बराबर पहाड़ी, सिद्धनाथ मंदिर और प्राचीन गुफाओं को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य करने का आग्रह जिला प्रशासन से किया गया।
लघु फिल्म का प्रदर्शन
वाणावर महोत्सव के अवसर पर बाबा सिद्धनाथ मंदिर एवं बराबर गुफाओं के इतिहास पर आधारित एक आकर्षक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कलाकारों और अधिकारियों का सम्मान

जिला पदाधिकारी सहित सभी माननीय अतिथियों ने कलाकारों, सांस्कृतिक दलों एवं सहयोगी अधिकारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता विनय कुमार सिंह, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी,अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार सिन्हा, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पुनम कुमारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी विजेता रंजन, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी चाँदनी कुमारी एवं अन्य वरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

वाणावर महोत्सव 2025 ने न केवल बिहार की लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा दी बल्कि वाणावर-पातालगंगा क्षेत्र के पर्यटन संभावनाओं को भी मजबूत आधार प्रदान किया। यह आयोजन संस्कृति, इतिहास और आधुनिक पर्यटन विकास का एक अनूठा संगम बनकर सामने आया।