उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पहुंचे गयाजी मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद मिले आशुतोष कुमार के परिजनों से

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी |19 दिसंबर 2025,

गयाजी; बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा आज गयाजी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर और मंगला गौरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। दर्शन के बाद वे सीधे एपी कॉलोनी स्थित भाजपा नेता एवं भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार के आवास पहुंचे जहां उनके परिवार से मुलाकात कर छोटे भाई आलोक कुमार की संदिग्ध मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। ज्ञात हो कि आलोक कुमार की हत्या देवघर (झारखंड) में कर दी गई थी, जिसे बाद में सड़क हादसा बताने का प्रयास किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का दिलाया भरोसा

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस पूरे मामले में दुख प्रकट करते हुए कहा कि वे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।

“स्थानीय नेताओं के दबाव में भाई की जान गई” — आशुतोष कुमार

घटना पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए आशुतोष कुमार ने बताया कि “मेरा भाई बच सकता था, लेकिन स्थानीय नेताओं और प्रभावशाली लोगों के दबाव में उसकी जान चली गई।” उन्होंने बताया कि आलोक कुमार स्कूल गेट पर खड़े थे, तभी नशे में धुत ड्राइवर ने गलत दिशा से आकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद गाड़ी सवार लोगों ने उन्हें समय पर अस्पताल ले जाने से रोक दिया, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव से उनकी मृत्यु हो गई।

“अगर समय पर मेरे भाई आलोक को अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो आज मेरा भाई हमारे बीच होता। अब उसके दो छोटे छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।”

आशुतोष कुमार,

21 दिसंबर को विशाल श्रद्धांजलि सभा, 23 दिसंबर को जनआंदोलन की चेतावनी

आशुतोष कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि 21 दिसंबर को आलोक कुमार के श्राद्ध कार्यक्रम में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“झारखंड प्रशासन को 22 दिसंबर तक का समय दिया गया है कि वे इस मामले में शीघ्र और ठोस कार्रवाई करें, अन्यथा 23 दिसंबर को हम पूरे जनसमर्थन के साथ अपने भाई को न्याय दिलाने देवघर की सड़कों पर उतरेंगे।”

न्याय की मांग को लेकर उम्मीद और आक्रोश दोनों

परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उपमुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन 22 दिसंबर तक की समयसीमा को लेकर प्रतीक्षा और बेचैनी दोनों बनी हुई है।

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