शिवहर के डीडीसी बृजेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का केस, एसवीयू की कई ठिकानों पर छापेमारी
आर्यावर्त वाणी | पटना / शिवहर | 24 मार्च 2026,
पटना/शिवहर। भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवहर के उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद बृजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। इस संबंध में एसवीयू थाना कांड संख्या 11/2026 दिनांक 23 मार्च 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार झा कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में 1.84 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा
एसवीयू के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बृजेश कुमार ने सरकारी सेवा में रहते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है।
बृजेश कुमार पूर्व में नालंदा में वरीय उप समाहर्ता, मोतिहारी के चकिया में अनुमंडल पदाधिकारी तथा मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) में एसडीओ के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। वर्तमान में वे शिवहर में उप विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।
पटना सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर 24 मार्च 2026 को एसवीयू की टीम ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें शिवहर जिला समाहरणालय स्थित उनका सरकारी कार्यालय, समाहरणालय परिसर के समीप स्थित सरकारी आवास, पश्चिमी चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के उनके पैतृक गांव तथा सीतामढ़ी में उनके ससुर के आवास शामिल हैं।
पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति मिलने का दावा
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच में सामने आया है कि बृजेश कुमार की पत्नी गीतांजली कुमारी, जो कि गृहिणी हैं, के नाम पर पटना के दानापुर क्षेत्र में वर्ष 2022 और 2023 में चार अचल संपत्तियां खरीदी गई हैं। इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 2 करोड़ 26 लाख 69 हजार रुपये बताई जा रही है।
सगुना मोड़ पर खरीदी गईं व्यवसायिक दुकानें
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि पटना के सगुना मोड़ स्थित ओम गंगा कॉम्प्लेक्स में दो व्यवसायिक दुकानें और प्रगति टॉवर में एक दुकान खरीदी गई है, जो पत्नी के नाम पर है। पूछताछ के दौरान बृजेश कुमार ने स्वीकार किया कि ये तीनों दुकानें वास्तव में उनकी ही हैं।
बैंक और वित्तीय संस्थानों में भी निवेश
एसवीयू की जांच में यह भी सामने आया है कि विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में लगभग 21 लाख 31 हजार 324 रुपये का निवेश किया गया है। इसके अलावा वर्ष 2022 में नरकटियागंज के शिकारपुर क्षेत्र में एक रिश्तेदार से करीब 31 लाख 73 हजार रुपये मूल्य की जमीन उपहार के रूप में प्राप्त करने की बात भी सामने आई है, जिसकी आगे जांच की जा रही है।
संपत्ति विवरण में नहीं दी थी जानकारी
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के अधिकारियों को हर वर्ष अपनी संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होता है, लेकिन बृजेश कुमार ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर किसी भी संपत्ति का उल्लेख नहीं किया था। जबकि जांच में अब तक उनके नाम से पांच संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एसवीयू अब संभावित बेनामी संपत्तियों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
