सशक्त समाज के निर्माण में नैतिक सोच की अहम भूमिका, मीडिया सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम : प्रो. उर्मिला वत्स

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 23 मार्च 2026,

गयाजी; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में ‘समाज में मीडिया की भूमिका और लैंगिक समानता को सुदृढ़ बनाने में उसकी जिम्मेदारी’ विषय पर एक महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा मुखर्जी महाविद्यालय की प्राध्यापिका, राजनीतिक विज्ञान की विशेषज्ञ और प्रख्यात स्त्रीवादी चिंतक प्रो. उर्मिला वत्स ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।

नैतिक सोच से ही मजबूत होगा समाज

अपने संबोधन में प्रो. उर्मिला वत्स ने कहा कि मीडिया केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि यह जनमत निर्माण करने और समाज की सोच को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। ऐसे में मीडिया को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ समाज के हर वर्ग की आवाज को सामने लाने का प्रयास करना चाहिए।

महिलाओं के सशक्तिकरण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका

प्रो. वत्स ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि मीडिया यदि महिलाओं की समस्याओं, उनके संघर्षों और उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने लाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी कई स्तरों पर लैंगिक असमानता मौजूद है, जिसे दूर करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य के पत्रकार के रूप में सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों को अपने कार्य में सर्वोपरि रखें।

पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, सामाजिक दायित्व

अतिथि वक्ता ने कहा कि पत्रकारिता महज एक पेशा नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व है। यदि पत्रकार संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज को प्रमुखता दें, तो इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो सकता है। उन्होंने डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के युवा पत्रकारों के पास अवसरों की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें इसके साथ आने वाली जिम्मेदारियों को भी समझना होगा।

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञ ने दिए विस्तार से जवाब

जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. के. शिवाशंकर सहित विभाग के प्राध्यापक प्रो. आतिश पराशर, प्रो. सुजीत कुमार, प्रो. अनिंद्य देब, डॉ. नेहा सूर्यवंशी एवं डॉ. अनुज कुमार सिंह मौजूद थे। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। प्रश्न-उत्तर सत्र में प्रो. वत्स ने विस्तारपूर्वक जवाब देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

ज्ञानवर्धक रहा व्याख्यान

कार्यक्रम में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) के विद्यार्थियों के साथ-साथ शोधार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ और उन्हें मीडिया के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सफल रहा।

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