कार्यों में लापरवाही पर प्रभारी नगर आयुक्त का वेतन स्थगित, डीएम ने 24 घंटे में स्पष्टीकरण किया तलब
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 23 दिसंबर 2025,
गयाजी; जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने सोमवार को आयोजित दैनिक जनता दरबार के दौरान नगर निगम, गयाजी से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई आवेदकों ने अपनी समस्याएँ सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिसमें जन्म प्रमाण पत्र त्रुटि, अनुकम्पा नियुक्ति, लंबित वेतन भुगतान सहित अन्य शिकायतें शामिल थीं। डीएम द्वारा बनाए गए तिथिवार रोस्टर के तहत संबंधित विभागों को भेजे गए आवेदनों की प्रगति की जांच की जा रही है। इसी क्रम में आज नगर निगम की समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाली लापरवाहियाँ सामने आईं।
समीक्षा में उजागर हुईं प्रमुख लापरवाहियाँ
🔹कई आवेदकों को जांच के दौरान बुलाया ही नहीं गया, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था।
🔹विभाग द्वारा निष्पादित आवेदनों की अंतिम जांच रिपोर्ट आवेदकों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी।
🔹एक आवेदक का कई महीनों से वेतन लंबित था।
🔹अनुकम्पा नियुक्ति का मामला महीनों से अटका था।
🔹गलत जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने का आवेदन लटका हुआ था।
🔹जन्म प्रमाण पत्र में माता के नाम में त्रुटि सुधार से जुड़े मामले पर भी कार्रवाई नहीं हुई थी।
डीएम ने इन सभी मामलों पर गंभीर नाराज़गी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि— “हर आवेदन की जांच के दौरान आवेदक को अवश्य बुलाया जाए, और अंतिम रिपोर्ट उन्हें कॉल, व्हाट्सऐप, ईमेल या डाक के माध्यम से हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।”
प्रभारी नगर आयुक्त पर कड़ी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि प्रभारी नगर आयुक्त सह उप नगर आयुक्त को
🔹मामलों की पर्याप्त जानकारी नहीं थी,
🔹संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और कई आवेदन लंबे समय से लंबित थे।
इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रभारी नगर आयुक्त का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का सख्त निर्देश जारी किया।
डीएम का कड़ा संदेश
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि जनता दरबार में आने वाले हर मामले का समयबद्ध निपटारा अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
