गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, 357 सिलेंडर गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 अप्रैल 2026,
गयाजी: जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर को लगातार शिकायत मिल रही थी कि नारायणी इंडियन गैस एजेंसी और श्याम इंडियन गैस एजेंसी द्वारा ग्राहकों को समय पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसी के मद्देनजर अनुमंडल पदाधिकारी सदर और पुलिस उपाधीक्षक (विधि व्यवस्था) के नेतृत्व में दोनों एजेंसियों का निरीक्षण किया गया।
नारायणी गैस एजेंसी में भारी गड़बड़ी
मानपुर स्थित नारायणी इंडियन गैस एजेंसी में जांच के दौरान कई ग्राहकों ने बताया कि उन्हें गैस डिलीवरी का मैसेज मिल चुका है, लेकिन सिलेंडर अब तक नहीं मिला। इसके बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा छापेमारी की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में पाया गया कि:
🔹ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 363 भरे सिलेंडर होने चाहिए थे
🔹मौके पर केवल 6 भरे सिलेंडर मिले
🔹यानी 357 सिलेंडर कम पाए गए
🔹खाली सिलेंडर 137 होने चाहिए थे, लेकिन 486 पाए गए
एजेंसी के मैनेजर बबलू कुमार इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रशासन ने इसे गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का स्पष्ट मामला माना है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 7 के तहत दंडनीय अपराध है।
एफआईआर दर्ज, कार्रवाई शुरू
प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नारायणी इंडियन गैस एजेंसी के प्रोपराइटर के खिलाफ बोधगया थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
श्याम गैस एजेंसी को सुधार के निर्देश
श्याम इंडियन गैस एजेंसी के निरीक्षण के दौरान भी कई शिकायतें सामने आईं।
🔹ग्राहकों ने केवाईसी में परेशानी और भीड़ की शिकायत की
🔹गैस बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं मिलने की बात कही
🔹बुकिंग नंबर नहीं लगने और कॉल रिसीव नहीं करने की शिकायत भी मिली
इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने एजेंसी को कड़े निर्देश दिए:
🔹केवाईसी के लिए अलग काउंटर खोला जाए
🔹24 घंटे के भीतर लंबित गैस डिलीवरी पूरी की जाए
🔹तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाए
🔹ग्राहकों के कॉल का जवाब देना अनिवार्य किया जाए
कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि गैस की कालाबाजारी या वितरण में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर “होम डिलीवरी” सुनिश्चित करें, ताकि ग्राहकों को गोदाम तक जाने की जरूरत न पड़े।
उपभोक्ताओं की शिकायत बनी कार्रवाई की वजह
पूर्व में भी जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर पर कई शिकायतें दर्ज हुई थीं कि मैसेज मिलने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा। इन शिकायतों के आधार पर ही प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।
