एनएच-82 पथ चौड़ीकरण, गया एयरपोर्ट विस्तार और उत्तर कोयल परियोजना को लेकर डीएम ने दिए अहम निर्देश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 फरवरी 2026,
गयाजी; जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में जिले की प्रमुख आधारभूत संरचना एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान एनएच-82 गया–भिंडस मोड़ से वनगंगा तक पथ चौड़ीकरण, गया हवाई अड्डा विस्तारीकरण योजना तथा उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना (नगमा माइनर मौजा) से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
एनएच-82 पथ चौड़ीकरण परियोजना:
एनएच-82 गया भिंडस मोड़ से वनगंगा तक पथ चौड़ीकरण किया जाना है। इस सड़क के चौड़ीकरण से गया– हिसुआ– राजगीर– बिहार शरीफ मार्ग पर आवागमन सुगम होगा और आमजन को समय की बड़ी बचत होगी। परियोजना के तहत कुल 27 मौजा, 49 एकड़ भूमि अधिग्रहण, तथा 798 रैयत प्रभावित हैं। सड़क की कुल लंबाई 34.88 किलोमीटर है।
जिला पदाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आज ही प्रारंभिक सूचना का प्रकाशन कराया जाए। साथ ही अंचलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि संबंधित क्षेत्र के सभी रैयतों के कागजात अद्यतन कराए जाएं तथा दावा-आपत्ति प्राप्त कर गजट प्रकाशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गया हवाई अड्डा विस्तारीकरण योजना
समीक्षा में बताया गया कि गया हवाई अड्डा विस्तारीकरण के अंतर्गत कैट-01 लाइट की स्थापना हेतु 18.2442 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें कुल 49 रैयत शामिल हैं। वर्तमान में गया हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में विकसित किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सुरक्षित संचालन के लिए कैट-01 लाइट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को देखते हुए।
जिला पदाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि तत्काल प्रारंभिक सूचना का प्रकाशन किया जाए। साथ ही अंचलाधिकारी नगर एवं बोधगया को रैयतों के कागजात अद्यतन कराने और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर गजट प्रकाशन की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना – नगमा माइनर मौजा
नगमा माइनर मौजा की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एसआईए (Social Impact Assessment) के तहत आम सूचना की तिथि निर्धारित कर गुरुआ अंचल क्षेत्र के रैयतों की जनसुनवाई कराई जाए। जनसुनवाई का स्थल पंचायत सरकार भवन, नगमा (गुरुआ) निर्धारित किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजनाओं का लाभ आम जनता को शीघ्र मिल सके।