डीएलसीसी की तिमाही समीक्षा बैठक संपन्न, साख जमा अनुपात बढ़ाने पर जोर

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आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 18 दिसंबर 2025

जहानाबाद; समाहरणालय जहानाबाद में आज DLCC (जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति) की सितंबर 2025 तिमाही की समीक्षात्मक बैठक अपर समाहर्ता विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आरबीआई, नाबार्ड, आरसेटी एवं जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में वरीय अधिकारियों की सहभागिता

बैठक में अग्रणी जिला अधिकारी (RBI) अमित कुमार गुप्त, जिला विकास प्रबंधक (NABARD) रजनीकांत सिंह, निदेशक आरसेटी जहानाबाद नागेश्वर, अपर समाहर्ता बैंकिंग नेहा कुमारी, वरीय उप समाहर्ता सह डीआरडीए रोहित कुमार मिश्रा सहित जिले के 16 बैंकों के समन्वयक शामिल हुए।

साख जमा अनुपात 50 तक बढ़ाने का आह्वान

बैठक के संयोजक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक रवींद्र कुमार सिंहा ने जिले के सभी बैंक समन्वयकों से साख जमा अनुपात, जो वर्तमान में 43.44 है, उसे बढ़ाकर 50 तक ले जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि जिले की बैंकिंग रैंकिंग राज्य के 38 जिलों में 34वें स्थान से सुधरकर 32वें स्थान पर आई है, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता है।

कम साख जमा अनुपात वाले बैंकों के लिए रणनीति पर चर्चा

अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि जिन बैंकों का जमा-साख अनुपात 60 से कम है, उनके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। जिला कृषि प्रधान होने के कारण अच्छा प्रदर्शन करने वाले कृषक ऋण खातों में आवश्यकता अनुसार ऋण राशि बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

पीएमईजीपी और एसीपी लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा

बैठक में जानकारी दी गई कि PMEGP योजना के तहत जिले का लक्ष्य 65 लाभुकों का है, जिसके विरुद्ध 16 दिसंबर 2025 तक 30 लाभुकों को ऋण का लाभ दिया गया है। वहीं नाबार्ड एवं आरबीआई प्रतिनिधियों ने जिन बैंकों का एसीपी लक्ष्य 10 प्रतिशत से कम है, उन्हें मार्च 2026 तक 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया।

आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी

आरसेटी के निदेशक ने बताया कि सितंबर छमाही के दौरान 18 बैच में कुल 581 लोगों को विभिन्न स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण दिए गए, जिनमें से 366 का सेटलमेंट और 131 लोगों का क्रेडिट लिंकेज किया गया। उन्होंने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत जहानाबाद जिले के लिए मशरूम को चुना गया है और इस क्षेत्र में कई लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है।

प्रशिक्षित लाभुकों को वित्त पोषण का आग्रह

आरसेटी निदेशक ने सभी बैंकों से अपील की कि मशरूम उत्पादन सहित अन्य प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों को स्वरोजगार हेतु आवश्यक वित्त पोषण उपलब्ध कराया जाए, ताकि जिले की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सके।

अपर समाहर्ता का समापन संबोधन

बैठक के अंत में अपर समाहर्ता विनय कुमार सिंह ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों के प्रयासों की सराहना की तथा साख जमा अनुपात एवं एसीपी लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी अधिकारियों से भविष्य में बैठकों में समय से उपस्थित रहने की भी अपील की, जिसके बाद बैठक का समापन किया गया।

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