आरा में बसों की छत पर जान जोखिम में डालकर सफर, प्रशासन मौन

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आर्यावर्त वाणी | आरा / भोजपुर | 11 फरवरी 2026,

आरा। भोजपुर जिले के आरा शहर में यात्री परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। यहां नियम और कानून को खुलेआम ताक पर रखकर यात्रियों को बसों की छत पर बैठाकर सफर कराया जा रहा है। आरा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित बिहारी मिल क्षेत्र से प्रतिदिन दर्जनों बसें विभिन्न रूटों के लिए खुलती हैं, लेकिन लगभग हर बस में क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाना आम बात हो चुकी है।

स्थिति इतनी भयावह है कि बसों के अंदर जगह न मिलने पर यात्री मजबूरी में छत पर बैठकर यात्रा करते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, बावजूद इसके परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। प्रशासन मानो आंखें मूंदे बैठा हो।

इस मामले में जब हमारे संवाददाता ने भोजपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि उनका तबादला हो चुका है। यह जवाब अपने आप में व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी है, जो यात्रियों को बस की छत पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर कर रही है। क्या इस रूट पर बसों की संख्या कम है? अगर ऐसा है, तो सरकार को तत्काल इन रूटों पर अतिरिक्त बसों का परिचालन सुनिश्चित करना चाहिए।

यात्रियों से बातचीत में कई गंभीर बातें सामने आईं। एक यात्री प्रकाश कुमार ने बताया कि इस रूट पर किराया अत्यधिक है, करीब 10 किलोमीटर के सफर के लिए 40 रुपये वसूले जाते हैं, जबकि बस की छत पर बैठने वाले यात्रियों से मात्र 5 से 10 रुपये लिए जाते हैं। कम किराये के लालच और आर्थिक मजबूरी के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।

यही स्थिति दूर-दराज के गांवों से आरा शहर पढ़ाई करने आने वाले छात्रों की भी है। सीमित संसाधन और महंगे किराये के कारण छात्र भी मजबूरी में बसों की छत पर यात्रा कर रहे हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

अब सवाल यह उठता है कि यदि ऐसी स्थिति में कोई गंभीर दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी ? सरकार की, आंख मूंदे बैठे प्रशासन की, या फिर उस आम यात्री की जो मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहा है? फिलहाल यह सवाल जवाब मांग रहा है, लेकिन जवाब देने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।

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