सीयूएसबी में “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025” पर विशेष व्याख्यान आयोजित

0
IMG-20260309-WA0002.jpg
Spread the love

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 मार्च 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी, कुलपति पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 के मुख्य बिंदुओं, उसके औचित्य और संभावित लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उच्च शिक्षा के लिए टेक्नोलॉजी आधारित नियामक ढांचा

अपने व्याख्यान में प्रो. तिवारी ने बताया कि यह प्रस्तावित विधेयक विभिन्न नियामक संस्थाओं को एकीकृत और टेक्नोलॉजी आधारित ढांचे में जोड़ने का प्रयास करता है। इसके अंतर्गत मानक, विनियमन और मान्यता के लिए तीन स्वतंत्र परिषदों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुधारों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER), शोध, रोजगार क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह उच्च शिक्षा को अंतरविषयक, लचीला और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में शिक्षा की भूमिका

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए एक संतुलित और समावेशी नियामक ढांचा आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों को मान्यता, प्रत्यायन और मानकीकरण की प्रक्रियाओं में सरलता आएगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इससे विश्वविद्यालयों में संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों की प्राप्ति के साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

शिक्षकों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित

कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षापीठ के अधिष्ठाता एवं शिक्षक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. रवि कांत ने स्वागत भाषण देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं डॉ. तरुण कुमार त्यागी ने मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और मुख्य अतिथि का परिचय कराया। सत्र का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञा गुप्ता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रिंकी द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page