सीयूएसबी की शोधार्थी आकृति आशीष ने चीन में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बढ़ाया विश्वविद्यालय का मान
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 दिसंबर 2025,
गयाजी। दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के पर्यावरण विज्ञान विभाग की पीएचडी शोधार्थी आकृति आशीष ने चीन के ग्वांगझोउ इंस्टीट्यूट ऑफ जियोकेमिस्ट्री, ग्वांगझोउ में आयोजित 15-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया। वह डॉ. एन. एल. देवी, एसोसिएट प्रोफेसर, के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रही हैं।
बीआरआई के तहत आयोजित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण
शोध पर्यवेक्षक डॉ. देवी के मार्गदर्शन में आकृति आशीष ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के अंतर्गत ‘विकासशील देशों के लिए डिज़ाइन’ चाइनीज़ एकेडमी ऑफ साइंसेज (सीएएस) के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। ‘21वीं सदी की मैरीटाइम सिल्क रोड के अंतर्गत परसिस्टेंट टॉक्सिक सब्सटांसेस की निगरानी एवं जोखिम आकलन’ विषय पर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णतः सीएएस, चीन द्वारा प्रायोजित था।
उन्नत उपकरणों एवं तकनीकों का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्यावरणीय माध्यमों—वायु, मृदा एवं जल—में मौजूद विषैले प्रदूषकों जैसे माइक्रोप्लास्टिक, नैनोप्लास्टिक, पीएफएस, पारा, भारी धातुएँ, पीसीबीएस एवं पीबीडीएएस की निगरानी पर केंद्रित था। प्रतिभागियों को गैस क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोमेट्री, लिक्विड क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोमेट्री तथा सॉलिड-फेज़ एक्सट्रैक्शन जैसी आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों का क्षेत्रीय भ्रमण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने गुआंगडोंग प्रांत के हेशान वायुमंडलीय पर्यावरण निगरानी सुपरस्टेशन, राष्ट्रीय पारिस्थितिक गुणवत्ता समग्र निगरानी स्टेशन–हाइझू राष्ट्रीय वेटलैंड पार्क तथा डिंगहूशान राष्ट्रीय प्रकृति आरक्षित क्षेत्र का भी क्षेत्रीय भ्रमण किया।
अनुभव साझा करते हुए कही महत्वपूर्ण बातें
अपने अनुभव साझा करते हुए आकृति आशीष ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से उन्हें उभरते पर्यावरणीय प्रदूषकों की निगरानी से संबंधित व्यापक ज्ञान प्राप्त हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी जाना कि चीन ने कड़े नीतिगत कार्यान्वयन के माध्यम से वायु प्रदूषण पर कैसे नियंत्रण पाया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क निर्माण और भविष्य की शोध यात्रा के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार रंजन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों ने सुश्री आकृति आशीष को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
