सीयूएसबी में 28-29 मार्च को राष्ट्रीय संगोष्ठी, भारतीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण शोध पर होगा मंथन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 27 मार्च 2026,
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में 28 एवं 29 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण शोध: दृष्टि, चुनौतियां एवं संभावनाएं’ निर्धारित किया गया है।
देशभर के विद्वान होंगे शामिल
इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं प्रख्यात विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करना और शोध के मानकों को सुदृढ़ करना है।
शोधार्थियों को मिलेगा सशक्त मंच
संगोष्ठी के माध्यम से नई पीढ़ी के शोधार्थियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने विचार साझा करने तथा विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
तैयारियों को लेकर हुई बैठक
जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि संगोष्ठी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के मीडिया लैब में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं जैसे अतिथियों के स्वागत, तकनीकी व्यवस्था, सत्र संचालन और प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने जताई आयोजन की उपयोगिता
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. राजेश्वर कुमार ने कहा कि भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार हैं और इनमें गुणवत्तापूर्ण शोध समय की आवश्यकता है। वहीं विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. के. शिव शंकर ने कहा कि यह संगोष्ठी शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट मंच साबित होगी।
बैठक में कई सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में प्रो. आतिश पाराशर, डॉ. संदीप सागर, डॉ. विकल कुमार सिंह, डॉ. हरीश दास एवं डॉ. सुशील कुमार सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे और आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।
