सीयूएसबी के लीगल एड क्लिनिक का जागरूकता अभियान, ‘जागो ग्रामीण जागो 2.0’ और बाल विवाह मुक्त भारत पर विशेष कार्यक्रम
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 फरवरी 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के अंतर्गत संचालित लीगल एड क्लिनिक द्वारा ‘जागो ग्रामीण जागो 2.0’ एवं ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के “कैंपस फॉर कम्युनिटी” दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं उद्देश्य
एसएलजी के डीन एवं हेड प्रो. अशोक कुमार के मार्गदर्शन में लीगल एड क्लिनिक के समन्वयक डॉ. सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सह-समन्वयक डॉ. चन्दना सुबा एवं डॉ. अनंत प्रकाश नारायण के सहयोग से कार्यक्रम का संचालन किया गया। जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदायों को उनके विधिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
‘जागो ग्रामीण जागो 2.0’ के तहत जागरूकता अभियान
एक सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत व्यापक जनसंपर्क एवं सर्वेक्षण कार्यक्रम से की गई। जगरनाथपुर गांव में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0, मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड तथा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य विषय “अपने अधिकार जानें, अपने लाभ प्राप्त करें” रखा गया।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता
लीगल एड क्लिनिक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गयाजी के सहयोग से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की पहल पर “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत अंतर-विभागीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता आयोजित की। प्रतियोगिता का विषय “नई सोच, नया कल – बाल विवाह मुक्त भारत” रखा गया, जिसमें समाज में बाल विवाह की कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
प्रतियोगिता में छात्रों की प्रभावशाली प्रस्तुति
प्रतियोगिता में कुल 13 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 8 टीमों ने मंचन किया। प्रतिभागियों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। आयोजन समिति के छात्र-समन्वयक रिफ़त हयात, तनिष्का रॉय, पुष्पित रंजन तथा सह-समन्वयक छवि ठाकुर, अनुज किशोर सहित अन्य विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹3000 नकद, ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र तथा द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹2000 नकद, ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता बढ़ाने तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।