‘न्यूट्रास्यूटिकल्स: बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ विषय पर सीयूएसबी में स्थापना दिवस व्याख्यान

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 16 फरवरी 2026,

गयाजी। दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) द्वारा 27 फरवरी को मनाए जा रहे स्थापना दिवस पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में स्कूल ऑफ फिजिकल एंड केमिकल साइंसेज़ द्वारा ‘न्यूट्रास्यूटिकल्स: बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात जैवरसायनविद् प्रो. राम लखन सिंह, पूर्व कुलपति, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में न्यूट्रास्यूटिकल्स की भूमिका

प्रो. राम लखन सिंह ने अपने व्याख्यान में प्रिवेंटिव एवं थेराप्यूटिक हेल्थकेयर में न्यूट्रास्यूटिकल्स, फंक्शनल फूड्स और डाइटरी सप्लीमेंट्स की बढ़ती महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने डायबिटीज़, हृदय रोग और प्रतिरक्षा क्षमता में कमी जैसी जीवनशैली जनित बीमारियों से निपटने में इनकी उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के समन्वय को सतत स्वास्थ्य समाधान की दिशा में आवश्यक बताया।

ज्ञान-सृजन के केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय

अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. के. एन. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान-सृजन के केंद्र के रूप में समाजोन्मुखी शोध को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूट्रास्यूटिकल अनुसंधान जैसे विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर तक ले जाने हेतु निरंतर प्रयास करें, जिससे विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की प्राप्ति संभव हो सके।

नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा

जन सम्पर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम के अनुसार, कार्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन के पश्चात स्वागत भाषण स्कूल ऑफ फिजिकल एंड केमिकल साइंसेज़ के डीन प्रो. अतुल प्रताप सिंह ने दिया। उन्होंने ऐसे व्याख्यानों को विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में नवाचार और अंतर्विषयी अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाला बताया।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन

कार्यक्रम का समापन भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. बुधेंद्र सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में न्यूट्रास्यूट्रिकल विज्ञान किसी भी राष्ट्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसकी मांग निरंतर बढ़ेगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण, छात्र एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। संचालन यूजी एवं पीजी के विद्यार्थियों अनमोल और श्रुति द्वारा किया गया। इस व्याख्यान को विश्वविद्यालय में अंतर्विषयी शोध एवं स्वास्थ्य विज्ञान के उभरते आयामों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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