दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय 27 फरवरी को मनाएगा स्थापना दिवस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 26 फरवरी 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) 27 फरवरी 2026 को अपना स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाने जा रहा है। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में गयाजी जिले के पंचानपुर के निकट स्थित लगभग 300 एकड़ में फैले स्थायी परिसर में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में होगा आयोजन
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम एवं मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथियों में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही तथा बिहार खेल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री शिशिर सिन्हा उपस्थित रहेंगे।
प्रदर्शनी, व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण
जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान अतिथि व्याख्यान, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की प्रदर्शनी, विभागीय प्रदर्शनियां, पारंपरिक खेल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, विद्यालयी छात्रों का भ्रमण, एग्रो टूर तथा फूड जंक्शन जैसे विशेष आकर्षण रहेंगे। कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक संध्या से किया जाएगा।
2009 से शुरू हुई विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2009 में पटना से अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत की थी। बाद में गयाजी में विस्तार करते हुए विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए। 27 फरवरी 2014 को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया गया। वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय अपने स्थायी परिसर में स्थानांतरित हुआ और 2018 से नियमित शैक्षणिक गतिविधियाँ शुरू हुईं।

राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रहा शैक्षणिक पहचान
विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए++ ग्रेड तथा यूजीसी श्रेणी–1 विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है। साथ ही एनआईआरएफ रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कुलपति ने कहा कि स्थापना दिवस उत्कृष्टता, नवाचार और सामूहिक विकास की दिशा में विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति का प्रतीक है।