सीयूएसबी में स्थापना दिवस व्याख्यान: “आज की पीढ़ी भावनात्मक रूप से खुद को खंडित महसूस कर रही है”
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 फरवरी 2026,
गयाजी; सीयूएसबी के स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत मानव विज्ञान संकाय के मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग द्वारा एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति प्रो0 कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो0 अनुभूति दुबे, दिन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने “जागरूकता से कार्रवाई की ओर: समकालीन समाजों में मनोविज्ञान की विस्तारित भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया।
तकनीक और भागदौड़ भरी जीवनशैली का सामाजिक प्रभाव
प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि हाल के वर्षों में नई तकनीकों और तेज जीवनशैली के कारण सामाजिक तानाबाना प्रभावित हुआ है। बेहतर करियर और जीवन की दौड़ में परिवार और समाज के बीच दूरियां बढ़ी हैं, जिसके कारण वर्तमान पीढ़ी भावनात्मक रूप से खुद को खंडित महसूस कर रही है। उन्होंने मनोविज्ञान से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर निवारक, विस्तार योग्य और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
अकादमिक समझ और व्यावसायिक अभिविन्यास पर बल
जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन होने के बाद विभाग के डीन एवं अध्यक्ष डॉ. मंगलेश कुमार मंगलम ने स्वागत भाषण में व्याख्यान की विषयवस्तु को रेखांकित किया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. दास अंबिका भारती ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में समकालीन मनोविज्ञान के प्रति अकादमिक समझ और व्यावसायिक अभिविन्यास को मजबूत करना है।
पूर्व छात्र सम्मेलन का भी आयोजन
व्याख्यान के पश्चात विभाग द्वारा चौथे पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साथ आना शुरुआत है, साथ बने रहना प्रगति है और साथ मिलकर कार्य करना सफलता है। पूर्व छात्रों ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया, जिससे मेंटरशिप और सहयोग को बढ़ावा मिला।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन डॉ. दास अंबिका भारती के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सह-समन्वयक डॉ. सुदर्शन बेहेरा एवं डॉ. अंकिता कुमारी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह और डॉ. चेतना जायसवाल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।