सीयूएसबी में ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ के तहत विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 फरवरी 2026,
गयाजी; दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के ध्येय ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ के अंतर्गत रामेश्वर मिडिल स्कूल, टेकारी, गयाजी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर का शैक्षणिक भ्रमण किया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना तथा जैव प्रौद्योगिकी के प्रति गहरी समझ विकसित करना था।
एसईबीईएस संकाय के मार्गदर्शन में आयोजन
पृथ्वी, जैविक एवं पर्यावरण विज्ञान संकाय, सीयूएसबी (एसईबीईएस) के अधिष्ठाता प्रो. रिज़वानुल हक के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि डॉ. प्रतिष्ठा सोनकर, प्रो. रिज़वानुल हक एवं उनकी शोध टीम ने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माया रानी भी उपस्थित रहीं।
उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा और शोध पर जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार के प्रेरक व्याख्यान से हुआ। डीन प्रो. रिज़वानुल हक ने उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान (R&D) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत को औषधि निर्माण में आत्मनिर्भर बनने के लिए अनुसंधान को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई दवाओं का आयात किया जाता है, लेकिन सुदृढ़ अनुसंधान के माध्यम से उन्हें देश में विकसित किया जा सकता है। उनके संबोधन से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक इतिहास और नवाचार की दिशा में प्रेरणा मिली।
प्रयोगशाला भ्रमण से मिली व्यावहारिक समझ
विज्ञान संवाद भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सेल कल्चर सुविधा, फ्लोरेसेंस माइक्रोस्कोप, एचपीएलसी तथा अन्य उन्नत उपकरणों का अवलोकन किया। प्रो. राकेश कुमार ने जैव प्रौद्योगिकी के विविध आयामों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी न केवल आधुनिक जीवन को सरल बनाती है, बल्कि राष्ट्र की वैज्ञानिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों को सम्मान
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और सक्रिय सहभागिता दिखाई। सूझबूझ भरे प्रश्नों के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास और विज्ञान के प्रति रुचि और सुदृढ़ हुई।
सामुदायिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण
यह कार्यक्रम विद्यालयी शिक्षा और उन्नत वैज्ञानिक अभ्यास के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ के माध्यम से सीयूएसबी ने सामुदायिक सहभागिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है। यह पहल विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, आलोचनात्मक सोच विकसित करने और विज्ञान एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।