CUSB में कृषि विभाग का विशेष व्याख्यान, भारत की आर्थिक मजबूती में कृषि की भूमिका पर जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 फरवरी 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा “एग्रीकल्चर: दी पिलर ऑफ इंडियाज़ इकनोमिक स्ट्रेंथ” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय 27 फरवरी को स्थापना दिवस को पखवाड़ा कार्यक्रम के रूप में मना रहा है, जिसके तहत विभिन्न विभागों द्वारा शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
कुलपति का संदेश: कृषि और अर्थशास्त्र के समन्वय पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के कुलपति कामेश्वर नाथ सिंह ने अपने संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों से कृषि एवं अर्थशास्त्र के समन्वित अध्ययन पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में कृषि की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
मुख्य अतिथि का व्याख्यान: कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राम कुमार सिंह, कुलपति, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद उपस्थित रहे। उन्होंने “एग्रीकल्चर: दी पिलर ऑफ इंडियाज़ इकनोमिक स्ट्रेंथ” विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए कृषि क्षेत्र की आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने चर्चा की शुरुआत टोमाटो कैचप जैसे खाद्य उत्पादों की कृत्रिमता के उदाहरण से करते हुए कृषि आधारित उद्योगों के बदलते स्वरूप को समझाया।
जेनरेटिव एआई पर चिंता: शैक्षणिक ईमानदारी का प्रश्न
व्याख्यान के दौरान प्रो. सिंह ने जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एआई शोध और विश्लेषण में सहायक है, लेकिन इसका अंधानुकरण शैक्षणिक ईमानदारी, मौलिक चिंतन और बौद्धिक विकास के लिए चुनौती बन सकता है।
स्वागत उद्बोधन और कृषि क्षेत्र की संभावनाएं
जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम के अनुसार कार्यक्रम का औपचारिक स्वागत एवं मुख्य अतिथि का परिचय अवनीश प्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से इसे राष्ट्र निर्माण का आधार मानने की अपील की।
प्रेरक संस्मरण और धन्यवाद ज्ञापन
इस अवसर पर रामाशीष यादव ने मुख्य अतिथि के जीवन से जुड़े प्रेरक संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्रभात कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रणव त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में हेमंत कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, अनूप कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।