20 वर्षों में बिहार में कानून का राज स्थापित, शिक्षा-स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में हुआ व्यापक विकास : मुख्यमंत्री

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आर्यावर्त वाणी | पटना/गयाजी | 20 मार्च 2026,

पटना/गयाजी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान गयाजी जिले के टनकुप्पा प्रखंड के मायापुर स्थित बिहार पोषक अनाज एवं मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है और लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं।

पहले के हालात और अब के बदलाव का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की स्थिति काफी खराब थी। लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे और सामाजिक विवाद आम बात थी। उन्होंने कहा कि अब राज्य में शांति, भाईचारा और विकास का माहौल है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू किया गया, जिससे सामाजिक विवादों में कमी आई है।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने व्यापक सुधार किए हैं। बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गए और छात्र-छात्राओं के लिए साइकिल एवं पोशाक योजना शुरू की गई। उन्होंने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से अब तक 2 लाख 58 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही नियोजित शिक्षकों को भी विशेष परीक्षा के माध्यम से सरकारी शिक्षक बनाया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ बड़ा विस्तार

उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बहुत कम होती थी, लेकिन अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण हर महीने औसतन 11 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है और आने वाले समय में 6 नए मेडिकल कॉलेज भी शुरू किए जाएंगे।

सड़क, बिजली और कृषि क्षेत्र में प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, पुल-पुलियों और आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हुआ है। अब राज्य के सुदूर इलाकों से पटना तक पहुंचने में पहले की तुलना में कम समय लगता है। उन्होंने बताया कि कृषि रोड मैप के माध्यम से खेती में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और मछली, दूध, फल-सब्जी सहित अन्य उत्पादों का उत्पादन कई गुना बढ़ा है।

युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय योजना के तहत युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

सामाजिक योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ

उन्होंने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे करीब 1 करोड़ 14 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा राज्य में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।

सात निश्चय-3 के तहत विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए सात निश्चय-3 योजना के तहत रोजगार, उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नई पहल की जाएंगी। राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण, पर्यटन विकास और सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजना पर काम किया जा रहा है।

गयाजी जिले के विकास कार्यों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी जिले में सड़क, पुल, शिक्षा संस्थान, आवासीय विद्यालय, आईटीआई, जीएनएम और पारा मेडिकल संस्थान जैसे कई विकास कार्य किए गए हैं। बोधगया और गयाजी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, डेयरी विकास, नए विद्यालयों और अस्पतालों की स्थापना जैसे कई कार्य किए जाएंगे।

कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी,उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल सहित कई विधायक, विधान पार्षद और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं

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