केंद्रीय टीम ने गयाजी में एमडीए अभियान की समीक्षा की, मलेरिया जांच बढ़ाने पर दिया जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 14 मार्च 2026,
गयाजी; फाइलेरिया उन्मूलन के लिए फरवरी माह में चलाए गए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की समीक्षा के लिए Ministry of Health and Family Welfare की केंद्रीय टीम ने शनिवार को गयाजी जिले का दौरा किया। टीम ने बोधगया प्रखंड क्षेत्र का भ्रमण कर अभियान की प्रगति और चल रहे मॉप-अप राउंड का जायजा लिया। साथ ही जिले में वेक्टर जनित रोगों, विशेषकर मलेरिया की जांच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय टीम ने ली अभियान से संबंधित जानकारी
केंद्रीय टीम में उर्वशी तिवारी (इंटोमोलॉजिस्ट) और अन्तरा सिंह (मेडिकल कंसल्टेंट) शामिल थीं। टीम ने सबसे पहले बोधगया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और अभियान से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस दौरान डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और मलेरिया जैसे अन्य वेक्टर जनित रोगों की जांच और उपचार सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
फाइलेरिया रोगियों और आशा कार्यकर्ताओं से की बातचीत
टीम ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों तथा आशा स्वास्थ्यकर्मियों से मुलाकात कर एमडीए अभियान और मॉप-अप राउंड की स्थिति की जानकारी ली।
छांछ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में टीम ने आशा कार्यकर्ताओं से अभियान से जुड़े कई सवाल किए और मरीजों से हाथीपांव रोग तथा दवा सेवन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा टीम ने उन लोगों से भी बातचीत की, जिन्होंने किसी कारणवश दवा सेवन से इंकार किया था।
स्कूली बच्चों को भी किया जागरूक
केंद्रीय टीम ने छांछ स्थित मध्य विद्यालय का भी दौरा किया और स्कूली बच्चों से फाइलेरिया तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के बारे में चर्चा की। बच्चों से रोग के कारणों और फाइलेरियारोधी दवा से जुड़ी भ्रांतियों पर सवाल किए गए। बच्चों ने बताया कि उन्होंने अभियान के दौरान सभी डोज़ का सेवन किया है।
मॉप-अप राउंड की कार्यप्रणाली का किया निरीक्षण
इंटोमोलॉजिस्ट उर्वशी तिवारी ने बताया कि समीक्षा का मुख्य उद्देश्य जिले में एमडीए अभियान की प्रगति का मूल्यांकन करना और मॉप-अप राउंड की कार्यप्रणाली को समझना है। मॉप-अप राउंड उन लोगों के लिए चलाया जा रहा है जो मुख्य अभियान के दौरान किसी कारण से दवा खाने से वंचित रह गए थे।
आंकड़ों और रिपोर्टों की भी हुई समीक्षा
टीम ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों और फील्ड से प्राप्त रिपोर्टों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही रजिस्टर के रखरखाव और दवा वितरण की सही प्रक्रिया के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।