5 हजार से 40 हजार रुपये तक एडवांस देकर कर्ज के जाल में फंसा कराई जा रही थी बंधुआ मजदूरी
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 मार्च 2026,
गयाजी; जिले में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में मजदूरों को मुक्त कराया है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सामाजिक संस्था Aditi NGO के सहयोग से गुरपा रोड स्थित पुर्णी बथान इलाके के एक ईंट भट्ठे से 137 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया। मुक्त कराए गए मजदूरों में 40 पुरुष, 46 महिलाएं और 51 बच्चे शामिल हैं।
कर्ज और दबाव में कराया जा रहा था काम
जानकारी के अनुसार मजदूरों को 5 हजार से 40 हजार रुपये तक एडवांस देकर कर्ज के जाल में फंसा दिया गया था। इसके बाद उनसे परिवार सहित रोजाना 14 घंटे तक काम कराया जाता था। मजदूरों को भट्ठे के परिसर में ही रहने के लिए मजबूर किया जाता था और बाहर जाने की स्वतंत्रता भी नहीं थी। बच्चों को स्कूल जाने से भी रोका गया था।
फतेहपुर में 62 बंधुआ मजदूरों का रेस्क्यू
इसी क्रम में 17 मार्च 2026 को गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर को गुप्त सूचना मिली कि फतेहपुर प्रखंड में भी बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। इसके बाद सहायक समाहर्ता डॉ. सूरज कुमार की अध्यक्षता में असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, प्रखंड विकास पदाधिकारी फतेहपुर और पुलिस टीम ने पूर्वी बाथन गांव स्थित RYC ईंट भट्ठा पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान यहां से 62 बंधुआ मजदूरों और उनके परिवारों को मुक्त कराया गया, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया। बताया गया कि इस ईंट भट्ठे में करीब 30 वर्षों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी।
मजदूरों ने जताया आभार
मुक्त कराए गए मजदूरों में शामिल आशा मांझी ने बताया कि वे कई वर्षों से बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर थे। जिला प्रशासन द्वारा मुक्त कराए जाने के बाद उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सुपरवाइजर गिरफ्तार, मालिक फरार
कार्रवाई के दौरान RYC ईंट भट्ठा के संचालक रामाशीष यादव मौके से फरार हो गए, जबकि मुंशी देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रशासन ने गुरपा थाना में बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम और न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ये भी पढ़ें:-
https://aryavartvaani.com/62-bonded-labourers-rescued-from-brick-kiln-in-gaya-fatehpur/