बोधगया में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का भव्य समापन, कालचक्र मैदान में समापन समारोह आयोजित

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 24 जनवरी 2026,

गयाजी; बोधगया के ऐतिहासिक कालचक्र मैदान में आयोजित तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का शनिवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां जिला प्रशासन की ओर से मोमेंटो भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

कलाकारों का सम्मान, उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना

महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बीटीएमसी सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी एवं जिला प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से अंगवस्त्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान सभी कलाकारों की उत्कृष्ट और भावपूर्ण प्रस्तुतियों की सराहना की गई।

बोधगया की वैश्विक पहचान और सांस्कृतिक सौहार्द पर जोर

अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इस महोत्सव ने देश-विदेश की विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाकर बोधगया की वैश्विक पहचान को और अधिक सशक्त किया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए इसे सांस्कृतिक सौहार्द और विश्व शांति का सशक्त संदेश बताया।

भारतीय शास्त्रीय, सूफी और लोक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सबसे पहले गयाजी घराना के राजन सिजुआर (सुर सलिला, गयाजी) ने अपनी मधुर गायन प्रस्तुति दी। इसके बाद विनोद गंवार के सूफी गायन ने माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। ज्योति कुमार की सुमधुर गायन प्रस्तुति को श्रोताओं से खूब तालियां मिलीं।

रविन्द्र खुराना ने मनमोहक ओड़िसी नृत्य से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा का प्रदर्शन किया। रांची से आईं दिप्ती कुमारी की सशक्त प्रस्तुति ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं सुशील कुमार ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत “चिट्ठी आई है, वतन से चिट्ठी आई है” प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया। इसके पश्चात अंजुला कुमारी ने अपनी आकर्षक कथक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।

थाईलैंड और जापान के कलाकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति

महोत्सव के अंतिम दिन थाईलैंड और जापान से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक, प्राचीन एवं सांस्कृतिक कलाओं का प्रदर्शन किया। थाईलैंड के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के बाद जापान के कलाकारों ने बांसुरी और गिटार के सुमधुर संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने बोधगया को एक वैश्विक सांस्कृतिक मंच के रूप में स्थापित किया।

बॉलीवुड गायिका भूमि त्रिवेदी रहीं मुख्य आकर्षण

महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका भूमि त्रिवेदी की प्रस्तुति रही। भूमि त्रिवेदी ने अपनी दमदार और भावनाओं से भरपूर गायकी से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया, जिससे समापन समारोह यादगार बन गया।

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