अतरी में दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना चिंतन शिविर का आयोजन
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 जनवरी 2026,
गयाजी। कृषि विभाग अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), गयाजी द्वारा अतरी प्रखंड के टेटुआ स्थित श्री जगदीश चन्द्र उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना चिंतन शिविर का उद्घाटन अतरी विधायक रोमित कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विधायक रोमित कुमार ने कहा कि मोटे अनाज की खेती किसानों के लिए लाभकारी और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पहले सीमित क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती शुरू करें और धीरे-धीरे इसका विस्तार करें। मोटे अनाजों के सेवन से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
कृषि यंत्र और बीज अनुदान पर उपलब्ध
विधायक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीज, कृषि यंत्र, सूक्ष्म सिंचाई उपकरण एवं उद्यानिक फसलों पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। खेती को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत बिहार कृषि ऐप, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और फार्मर रजिस्ट्री लागू की गई है। किसानों को योजनाओं की जानकारी लेकर आवेदन करना चाहिए।
20 स्टॉल लगे, विभिन्न विभागों की भागीदारी
आत्मा गयाजी द्वारा आयोजित किसान मेला-सह-प्रदर्शनी में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स (टनकुप्पा), कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर, इफको, प्राण, वन विभाग नर्सरी, मिट्टी जांच, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण, उद्यान, गन्ना विकास विभाग सहित कुल 20 स्टॉल लगाए गए। जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में किसान इस मेले में भाग ले रहे हैं।
ड्रोन से छिड़काव का प्रदर्शन, चलंत पशु चिकित्सा सेवा
पौधा संरक्षण विभाग द्वारा ड्रोन से कीटनाशक, खरपतवारनाशी एवं पोषक तत्वों के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। पशुपालन विभाग ने चलंत पशु चिकित्सा वाहन के माध्यम से पशुओं के उपचार एवं देखभाल की जानकारी दी। वहीं “कृषि ज्ञान वाहन” के माध्यम से किसानों को तकनीकी फिल्मों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
तकनीकी सत्र में वैज्ञानिकों ने दी जानकारी
तकनीकी सत्र में
🔹डॉ. राहुल प्रियदर्शीन ने मोटे अनाज की वैज्ञानिक खेती,
🔹डॉ. रश्मि प्रियदर्शी ने रबी फसलों की उन्नत खेती,
🔹सुनील कुमार ने मत्स्य विभाग की योजनाएं,
🔹मेघा कुमारी ने आत्मा योजना,
🔹आकृति कुमारी ने मिट्टी जांच, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी दी।
अधिकारियों और किसानों की रही व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में जिला एवं प्रमंडलीय स्तर के कृषि अधिकारी, सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे।