मैथिली ठाकुर और निशांत की एआई से बनाई आपत्तिजनक तस्वीर वायरल करने वाला युवक हुआ गिरफ्तार

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 मार्च 2026,

गयाजी; एआई तकनीक की मदद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में गयाजी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला गयाजी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीर पोस्ट की गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और तकनीकी सेल ने जांच शुरू कर दी, जिसके बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

फतेहपुर के युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस ने फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दो गांव निवासी विकास कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एआई टूल्स की मदद से निशांत कुमार और मैथिली ठाकुर की तस्वीरों को आपत्तिजनक तरीके से एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।

तकनीकी जांच के आधार पर हुई पहचान

मामले की जांच में फतेहपुर थाना पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद ली। सोशल मीडिया पोस्ट की ट्रेसिंग और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। फतेहपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई थी और तकनीकी जांच के आधार पर मात्र 24 घंटे के भीतर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया गया।

वायरल पोस्ट के बाद आरोपी ने मांगी माफी

सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद आरोपी विकास कुमार यादव ने लाइव आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उसने दावा किया कि फोटो उसके पास आया था और उसने गलती से उसे शेयर कर दिया। आरोपी ने निशांत कुमार और मैथिली ठाकुर से माफी भी मांगी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कार्रवाई की।

महिलाओं की गरिमा और छवि से जुड़ा मामला: पुलिस

फतेहपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि यह मामला महिलाओं की गरिमा और सार्वजनिक व्यक्तियों की छवि से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच को प्राथमिकता दी।

एआई तकनीक के दुरुपयोग पर बढ़ी चिंता

यह घटना एआई तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग की ओर इशारा करती है, जहां फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाकर लोगों की छवि खराब करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। बिहार पुलिस ने ऐसे मामलों में सख्ती बरतने का संकेत दिया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई है।

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