मंदिर एवं मठों की भूमि का नए सर्वे में होगा सुरक्षित पंजीकरण, अवैध कब्जों पर होगी सख्त कार्रवाई

0
Screenshot_2026_0717_224341.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 जुलाई 2026,

गयाजी: जिले में मंदिरों एवं मठों की भूमि के संरक्षण और विशेष सर्वेक्षण के दौरान उनके विधिवत पंजीकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंतों, पुजारियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

महंतों और पुजारियों से अभिलेख उपलब्ध कराने की अपील

बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि मंदिर एवं मठों की भूमि धार्मिक एवं सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका विधिवत अभिलेखीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी महंतों एवं पुजारियों से आग्रह किया कि वे अपने मंदिर एवं मठों से संबंधित सभी उपलब्ध दस्तावेज, भूमि अभिलेख तथा अन्य आवश्यक विवरण शीघ्र जिला बंदोबस्त कार्यालय में जमा कराएं, ताकि विशेष सर्वेक्षण के दौरान सभी भूमि का सही तरीके से पंजीकरण किया जा सके।

अतिक्रमण और अवैध जमाबंदी पर होगी कानूनी कार्रवाई

जिला पदाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों से मंदिर एवं मठों की भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। जिन मामलों में मंदिर या मठ की भूमि पर किसी निजी व्यक्ति के नाम से जमाबंदी कायम कर दी गई है, उनकी विधिक समीक्षा कर अपर समाहर्ता (राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा तथा अवैध जमाबंदी रद्द कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

धार्मिक न्यास बोर्ड में भी होगा पंजीकरण

जिला पदाधिकारी ने बताया कि मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में भी विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा। इससे धार्मिक संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना कम होगी।

सर्वे में निजी नाम से दर्ज नहीं होगी धार्मिक भूमि

बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती सर्वेक्षण में मंदिर एवं मठ के नाम दर्ज भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में भी उसी नाम से दर्ज किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में ऐसी भूमि किसी निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज नहीं की जाएगी।

विवादित मामलों में मंदिर-मठ का पक्ष सुनना होगा अनिवार्य

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी मंदिर अथवा मठ की भूमि से संबंधित कोई विवाद लंबित हो तो सुनवाई के दौरान संबंधित मंदिर या मठ को अनिवार्य रूप से नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जाए, ताकि धार्मिक संस्थाओं के अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

समय पर अभिलेख उपलब्ध कराने की अपील

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी महंतों एवं पुजारियों से अपील की कि यदि उनके मंदिर अथवा मठ की भूमि जिले के किसी भी प्रखंड में स्थित है, तो उसका खाता, खेसरा, थाना, मौजा एवं अन्य उपलब्ध विवरण अविलंब जिला बंदोबस्त पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं, जिससे विशेष सर्वेक्षण का कार्य बिना किसी त्रुटि के पूरा किया जा सके।

मुख्य बिंदु

🔹मंदिर एवं मठों की भूमि का विशेष सर्वे में सुरक्षित पंजीकरण होगा।

🔹महंत एवं पुजारियों से सभी आवश्यक भूमि अभिलेख उपलब्ध कराने की अपील।

🔹अवैध कब्जा एवं निजी नाम से हुई जमाबंदी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

🔹धार्मिक न्यास बोर्ड में भी भूमि का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

🔹विवादित मामलों में संबंधित मंदिर या मठ का पक्ष सुनना अनिवार्य होगा।


Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page