जांच में लापरवाही पर मगध मेडिकल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष को आईजी ने किया निलंबित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 जुलाई 2026,
गयाजी: पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मगध क्षेत्र, विकास वैभव का कर्तव्य में लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आज फिर एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने गंभीर आपराधिक कांड की जांच में कथित लापरवाही और संदिग्ध कार्यशैली को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मगध मेडिकल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं पुलिस निरीक्षक कृष्णा कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
आईजी कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक, गयाजी की रिपोर्ट तथा पुलिस उपाधीक्षक (नगर-02), गयाजी द्वारा की गई विस्तृत तथ्यात्मक जांच के आधार पर की गई। जांच के दौरान मगध मेडिकल थाना कांड संख्या – 2248/26 के अनुसंधान से संबंधित स्टेशन डायरी, अभिलेखों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
प्रथम दृष्टया जांच में यह सामने आया कि अनुसंधान के दौरान वैधानिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का अपेक्षित निष्पक्षता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ निर्वहन नहीं किया गया। साथ ही ऐसी कार्यशैली अपनाए जाने के संकेत मिले, जिससे गंभीर आपराधिक मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।
लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के आरोप
पुलिस उपाधीक्षक (नगर-02) की जांच रिपोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों, स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों, व्यक्तिगत बंधपत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर तत्कालीन थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार की कार्यशैली को प्रथम दृष्टया लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर त्रुटियों से युक्त पाया गया।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आईजी विकास वैभव ने पुलिस निरीक्षक कृष्णा कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गयाजी निर्धारित किया गया है।
आईजी की दो-टूक: जीरो टॉलरेंस की नीति
पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता या निष्पक्ष अनुसंधान में बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी आचरण के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बनाए रखने और कानून के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
