गयाजी में बिजली का हाल बेहाल, आखिर गर्मी में क्यों गल जाती हैं बिजली की तारें और क्यों फुंक जाते हैं ट्रांसफार्मर?

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 मई 2026,

गयाजी: इस भरी गर्मी में गयाजी वासियों के लिए बिजली की समस्या किसी मुसीबत से कम नहीं, आए दिन कहीं न कहीं ट्रांसफार्मर जल जा रहा है,कही बिजली का तार गल के नीचे गिर जा रहा तो कही कुछ और फॉल्ट हो जा रहा है। इन सारी समस्याओं के कारण इस गर्मी में गयाजी के निवासी काफी परेशानी झेल रहे हैं।

देश में हर वर्ष गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है। जैसे-जैसे तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचता है, वैसे-वैसे बिजली की खपत अचानक बढ़ जाती है। एयर कंडीशनर, कूलर, फ्रिज, पानी मोटर और अन्य उपकरणों के लगातार उपयोग से बिजली लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ता है। इसका सीधा असर बिजली की तारों और ट्रांसफार्मरों पर दिखाई देता है। कई स्थानों पर तारें गर्म होकर झूलने लगती हैं, पिघल जाती हैं या शॉर्ट सर्किट का कारण बनती हैं, जबकि ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर खराब हो जाते हैं।

एसी के कारण बढ़ता है अत्यधिक लोड

मानपुर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली समस्या बढ़ने का सबसे बड़ा कारण एसी का अत्यधिक उपयोग है। उन्होंने बताया कि आज लगभग घरों में एसी लग चुका है, लेकिन अधिकांश उपभोक्ता जितनी क्षमता का बिजली कनेक्शन लेते हैं, उससे कहीं अधिक लोड इस्तेमाल करते हैं। इससे बिजली की तारों और ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऊपर से भीषण गर्मी के कारण उपकरणों का तापमान और बढ़ जाता है, जिससे फॉल्ट और ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि बिजली चोरी भी एक बहुत बड़ा कारण है। दिन में तो सही रहता है पर जैसे ही रात होती है अवैध कनेक्शन जोड़ लिए जाते हैं और सुबह होते ही उस कनेक्शन को हटा दिए जाते है ताकि पकड़ में न आए , यही कारण है कि रात में इस तरह की समस्या ज्यादा होती है।

तारें गर्म क्यों होती हैं?

बिजली की तारों में जब अधिक करंट प्रवाहित होता है तो उनमें प्रतिरोध (Resistance) के कारण गर्मी उत्पन्न होती है। गर्मी के मौसम में लोड कई गुना बढ़ जाने से तारों का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। ऊपर से वातावरण का तापमान भी बहुत ज्यादा होता है, जिससे तारों को ठंडा होने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।

इसके अलावा—
🔹पुरानी और जर्जर लाइनें जल्दी गर्म होती हैं।
🔹कई इलाकों में क्षमता से कम मोटाई वाले तार लगे होते हैं।
🔹अवैध बिजली कनेक्शन और बिजली चोरी से भी लोड असंतुलित हो जाता है।
🔹ढीले जॉइंट और खराब कनेक्शन स्पार्किंग पैदा करते हैं।
🔹धूल, नमी और प्रदूषण से इंसुलेशन कमजोर होता है।
जब तार अत्यधिक गर्म होती हैं तो वे फैलकर नीचे झूलने लगती हैं। इससे आपस में टकराने का खतरा बढ़ता है और शॉर्ट सर्किट या आग लग सकती है। कई बार फॉल्ट करंट के कारण तारें जलकर टूट भी जाती हैं।

ट्रांसफार्मर खराब होने के प्रमुख कारण

ट्रांसफार्मर बिजली वितरण प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण होता है। इसका काम उच्च वोल्टेज को कम वोल्टेज में बदलकर घरों तक बिजली पहुंचाना है। गर्मी में यही ट्रांसफार्मर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

1. ओवरलोडिंग
गर्मी में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है। यदि ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक लोड उठाता है तो उसकी कॉइल और इंसुलेशन गर्म होकर खराब होने लगती है।

2. कूलिंग सिस्टम की विफलता
ऑयल आधारित ट्रांसफार्मरों में तेल गर्मी को नियंत्रित करता है। यदि तेल का स्तर कम हो जाए या कूलिंग व्यवस्था बाधित हो जाए तो ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म होकर जल सकता है।

3. वोल्टेज फ्लक्चुएशन
बार-बार ट्रिपिंग, बिजली कटौती और अचानक वोल्टेज बढ़ने-घटने से ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बिजली गिरने या लाइन फॉल्ट से भी भारी नुकसान होता है।

4. खराब रखरखाव
समय पर मरम्मत और निरीक्षण न होने से छोटे फॉल्ट बड़े हादसे में बदल जाते हैं। ढीले कनेक्शन, जंग और गंदगी ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता कम कर देते हैं।

इसके निवारण के उपाय

बिजली विभाग के स्तर पर

🔹पुराने तारों और ट्रांसफार्मरों को बदलना।
🔹अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाना।
🔹नियमित निरीक्षण और थर्मल स्कैनिंग।
🔹ट्रांसफार्मरों में पर्याप्त ऑयल और कूलिंग व्यवस्था बनाए रखना।
🔹बिजली चोरी रोकना और लोड संतुलन सुनिश्चित करना।
🔹हाई लोड क्षेत्रों में अतिरिक्त फीडर बनाना।

आम उपभोक्ताओं के स्तर पर

🔹जरूरत न होने पर एसी और भारी उपकरण बंद रखें।
🔹एसी का तापमान 24–26 डिग्री पर रखें।
🔹निर्धारित लोड के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें।
🔹घर की वायरिंग और अर्थिंग की नियमित जांच कराएं।
🔹ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करें।

भीषण गर्मी केवल मौसम की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह बिजली व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। लगातार बढ़ती बिजली मांग, पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता से अधिक बिजली उपयोग के कारण तारें गलने और ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बिजली नेटवर्क का आधुनिकीकरण, नियमित रखरखाव और जिम्मेदारी के साथ बिजली उपयोग नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

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