नौबतपुर सीडीपीओ कार्यालय में रिश्वतखोरी का खुलासा, डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | पटना | 20 मई 2026,
पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को निगरानी ब्यूरो की टीम ने पटना जिले के नौबतपुर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में छापेमारी कर डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोष कुमार को 37,100 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार आरोपी संतोष कुमार के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 059/26, दिनांक 18 मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी को उसके कार्यालय कक्ष से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों की राशि जारी करने के बदले मांगी जा रही थी रिश्वत
मामले की शिकायत नौबतपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय में कार्यरत पर्यवेक्षिका सुशीला कुमारी ने निगरानी ब्यूरो से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा उनके अधीन संचालित 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की पोषाहार एवं अंडा मद की राशि जारी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
परिवादिनी के अनुसार आरोपी प्रत्येक केंद्र से 25 प्रतिशत राशि “सीडीपीओ मैडम” के लिए और 1 प्रतिशत राशि अपने लिए मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने की कार्रवाई
प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामला दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक सुजीत कुमार सागर के नेतृत्व में विशेष धावा दल का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष कुमार को 37,100 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी ब्यूरो ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।
वर्ष 2026 का 59वां भ्रष्टाचार मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 59वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 54 ट्रैप केस शामिल हैं। अब तक कुल 51 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 20 लाख 78 हजार 300 रुपये रिश्वत राशि बरामद की गई है। वहीं वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।
