सीयूएसबी के डॉ. मयंक युवराज को अंतरराष्ट्रीय सम्मान, शोध पत्र वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10% में शामिल
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 मई 2026,
गयाजी। दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राजर्षि जनक केंद्रीय पुस्तकालय के सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. मयंक युवराज ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और चिकित्सा पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध कार्य को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है।
डॉ. युवराज का शोध आलेख “ChatGPT in Medical Libraries, Possibilities and Future Directions; An Integrative Review” प्रतिष्ठित Health Information and Libraries Journal में प्रकाशित सर्वाधिक देखे गए शीर्ष 10 प्रतिशत शोध पत्रों में शामिल किया गया है।
यह सम्मान विश्वप्रसिद्ध अकादमिक प्रकाशन संस्था Wiley तथा Health Libraries Group of the Chartered Institute of Library and Information Professionals (CILIP) की ओर से प्रदान किया गया है, जिसे पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्थाओं में गिना जाता है।
एआई और मेडिकल लाइब्रेरी के भविष्य पर केंद्रित है शोध
इस शोध में चिकित्सा पुस्तकालयों और स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों में ChatGPT जैसी जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों की संभावनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। शोध पत्र में बुद्धिमान संदर्भ सेवाएं, स्वचालित सूचना पुनर्प्राप्ति, व्यक्तिगत उपयोगकर्ता सहायता, डिजिटल ज्ञान प्रसार और एआई आधारित स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध पुस्तकालय सेवाओं और आधुनिक एआई तकनीकों के समन्वय को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
