फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन अभियान का शुभारंभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 फरवरी 2026,
गयाजी; फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से जिले में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ मंगलवार को जिला समाहरणालय सभागार कक्ष में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शंशाक शुंभकर ने की। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सहित उपस्थित पदाधिकारियों ने स्वयं फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कर आमजन को अभियान में भागीदारी का संदेश दिया।
अधिकारियों और कर्मियों ने किया दवा सेवन
कार्यक्रम के दौरान समाहरणालय में कार्यरत विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया गया। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद, डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार तथा जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एम.ई. हक उपस्थित रहे।
डीएम का संदेश: सहभागिता से ही संभव है उन्मूलन
जिला पदाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। जिले को फाइलेरिया से मुक्त करने के लिए सभी विभागों और समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि दवा सेवन को लेकर समाज में सकारात्मक माहौल बनाया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाएं।
समुदाय स्तर पर जनभागीदारी पर जोर
डीएम ने प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि समुदाय में दवा सेवन के लिए सकारात्मक संदेश पहुंचे। डीलर, आंगनबाड़ी सेविका, शिक्षक, मुखिया, वार्ड पार्षद और जीविका दीदी को अभियान से जोड़कर जनसहभागिता मजबूत करने पर बल दिया गया।
11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप
बताया गया कि 11 फरवरी 2026 को जिले में मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें बूथ लगाकर लक्षित लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा अपने सामने दवा सेवन कराया जाएगा। इसके बाद अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लाभार्थियों को दवा खिलाई जाएगी।
जिले में 44 लाख से अधिक लाभार्थी होंगे शामिल
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एम.ई. हक ने बताया कि अभियान गयाजी जिले के 22 प्रखंडों और 7 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत संचालित होगा। कुल 44 लाख 39 हजार लाभार्थियों को फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कराया जाएगा।
तीन प्रकार की दवाएं, सख्त दिशा-निर्देश
अभियान के दौरान डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाओं का सेवन कराया जाएगा। दवा का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि आशा और स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने ही दवा खिलाएंगे। दवा खाली पेट नहीं लेनी है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।
व्यापक निगरानी और संसाधनों की तैनाती
डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने बताया कि 463 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 4,216 आंगनबाड़ी केंद्र और 3,765 स्कूलों के माध्यम से अभियान की निगरानी की जाएगी। इसके लिए 2,117 टीमें और 212 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। अभियान में 730 एएनएम, 323 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, 49,923 स्वयं सहायता समूह सदस्य, 3,216 जीविका दीदी और 311 मुखिया सहयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों ने लिया अभियान को सफल बनाने का संकल्प
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों और समाहरणालय के कर्मियों ने फाइलेरियारोधी दवा का सेवन कर अभियान को सफल बनाने और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया।