NSUI के संघर्ष के आगे झुका कॉलेज प्रशासन, SC/ST और छात्राओं का नामांकन शुल्क शून्य
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 फरवरी 2026,
गयाजी। मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जगजीवन कॉलेज, गयाजी में पिछले कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन आज एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गया। NSUI के नेतृत्व में हुए लगातार आंदोलन और दबाव के बाद कॉलेज प्रशासन ने आधिकारिक रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों तथा सभी वर्गों की छात्राओं के लिए नामांकन शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया है।
क्या था पूरा मामला
मगध विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) द्वारा पूर्व में जारी पत्र में बिहार सरकार के नियमों के अनुसार सभी अंगीभूत कॉलेजों में SC/ST एवं महिला छात्रों से किसी भी प्रकार का नामांकन शुल्क नहीं लेने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद जगजीवन कॉलेज में इन वर्गों से शुल्क वसूला जा रहा था। इसी के विरोध में NSUI ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था।
NSUI ने चलाया था मुहिम
NSUI कार्यकर्ताओं ने छात्रों के अधिकारों को लेकर कॉलेज परिसर में कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप था कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों पर अवैध रूप से शुल्क का बोझ डाला जा रहा है, जो न केवल विश्वविद्यालय बल्कि राज्य सरकार के आदेशों का भी सीधा उल्लंघन है।
शुल्क माफ होने से छात्रों में खुशी की लहर
आज प्रशासन द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने इसे अपनी एकजुटता और संघर्ष की जीत बताया। NSUI प्रतिनिधियों ने कहा, “यह केवल संगठन की जीत नहीं है, बल्कि उन हजारों गरीब और मेधावी छात्रों के अधिकारों की बहाली है, जो आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते थे। NSUI भविष्य में भी छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी।”
शिक्षा के रास्ते से हटी आर्थिक बाधा
इस निर्णय के बाद अब SC/ST वर्ग के छात्र और सभी वर्गों की छात्राएं बिना किसी आर्थिक बाधा के कॉलेज में नामांकन करा सकेंगी। NSUI ने सभी छात्रों से एकजुट होकर छात्र हितों की इस मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की है।